Sonbhadra News: सोनभद्र में नशा तस्कर की 27 लाख की संपत्ति फ्रीज पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Sonbhadra News: सोनभद्र पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करी से अर्जित करीब 27 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।
सोनभद्र में नशा तस्कर की 27 लाख की संपत्ति फ्रीज पुलिस की बड़ी कार्रवाई (Photo- Newstrack)
Sonbhadra News: सोनभद्र। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सोनभद्र पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित लगभग 27 लाख रुपये की अवैध संपत्तियों को फ्रीज कर तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। इस कार्रवाई के बाद नशा कारोबार से जुड़े अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थाना अनपरा पुलिस लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है।
गिरफ्तारी से लेकर संपत्ति फ्रीज तक की पूरी कार्रवाई
थाना अनपरा क्षेत्र में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 26/2026 के तहत पुलिस ने अभियुक्त मनोज कुमार को 10 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी को 8 फरवरी 2026 को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से चल और अचल संपत्तियां बनाई हैं। इसके बाद पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत संपत्तियों को फ्रीज और जब्त करने की कार्रवाई की।
जांच के बाद यह मामला सक्षम प्राधिकारी SAFEM (FOP)A एवं NDPS Act, नई दिल्ली तक पहुंचा, जहां 30 अप्रैल 2026 को इस कार्रवाई को विधिवत वैध घोषित कर दिया गया।
फ्रीज की गई संपत्तियों में इंडियन बैंक, अनपरा शाखा में जमा ₹1,15,175.90 और ग्राम डिबुलगंज स्थित प्लॉट संख्या 841 पर बना मकान व भूमि शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹25,46,990.20 आंकी गई है।
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि नशा तस्करी से अर्जित किसी भी संपत्ति को अब बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस की सख्ती से टूटा तस्करी का नेटवर्क
पुलिस टीम की प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी। अधिकारियों का कहना है कि अब केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।