Sonbhadra News: नौकरी के नाम पर 3.50 लाख की ठगी, फर्जी रैकेट खुलासा केस

Sonbhadra News: सोनभद्र जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में दर्ज FIR के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ितों को स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए।

Update:2026-05-07 21:39 IST

 नौकरी के नाम पर 3.50 लाख की ठगी, फर्जी रैकेट खुलासा केस (Photo- Newstrack)

Sonbhadra News: सोनभद्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां नर्स भर्ती और वार्ड बॉय नौकरी के नाम पर 3.50 लाख रुपये वसूले गए। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है पुलिसजांचजारीहै

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का पूरा खेल

सोनभद्र जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में दर्ज FIR के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ितों को स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए।


पीड़ित अल्ताफ अहमद, निवासी इमलिया नगर, रॉबर्ट्सगंज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी को नर्स की नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। इसके बदले में आरोपियों ने करीब 3.50 लाख रुपये नकद वसूल किए। आरोप है कि 19 फरवरी 2026 को आरोपी उसके घर पहुंचे और पैसे लेकर भरोसा दिलाया कि जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा।


इसके बाद पीड़ित को वाराणसी के एक अस्पताल में बुलाकर कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए। आरोपियों ने दावा किया कि नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से होगी और हर महीने नियमित वेतन मिलेगा।


फर्जी दस्तावेज और आउटसोर्सिंग का झांसा

कुछ दिनों बाद जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ित ने पैसे वापस मांगने शुरू किए, लेकिन आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला एक संगठित ठगी गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता है।

पीड़ित की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह को सौंपी गई है।


पुलिस जांच में खुल सकते हैं और भी नाम

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगा है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई दलाल शामिल हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग और आउटसोर्सिंग भर्ती के नाम पर लंबे समय से इस तरह की ठगी की शिकायतें मिलती रही हैं। अगर जांच आगे बढ़ी तो कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं और पूरे भर्ती रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बेरोजगारी के दौर में सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर ठग किस तरह युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं।

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