UP News: 'धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में दिखी मांस की दुकान तो होगा एक्शन', यूपी सरकार ने जारी किया आदेश, अवैध बूचड़खानों पर लगेगा ताला
UP News: नवरात्रि से पहले यूपी सरकार ने शनिवार शाम को कड़ा आदेश जारी करते हुए प्रदेशभर के अवैध बूचड़खानों को बंद करने और धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।;
UP News: रविवार को नवरात्रि पर्व से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार शाम कड़ा निर्देश जारी करते हुए प्रदेश भर के अवैध बूचड़खानों को बंद करने और धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। इसे लेकर नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, नगर आयुक्तों के साथ साथ अन्य स्थानीय अधिकारियों को अवैध बूचड़खानों को तुरंत बंद करने और धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पर प्रतिबंध लागू करने का निर्देश दिए हैं।
अवैध पशु कटान को रोकने के लिए जारी किया आदेश
सरकार की ओर से बताया गया है कि जारी हुए निर्देश में 2014 और 2017 के पिछले सरकारी आदेशों का हवाला दिया गया है, जिनका उद्देश्य अवैध पशु कटान को रोकना हैं। दस्तावेज के अनुसार, वर्तमान प्रशासन ने अवैध बूचड़खानों को बंद करने एवं धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किये हैं। इस नीति को लागू करने के लिए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं।
जारी निर्देश का कितना हो रहा पालन, समिति करेगी जांच
गठित की गई समितियों को बूचड़खानों का निरीक्षण करने के साथ साथ दैनिक पशु कटान पर आंकड़े एकत्र करने और उल्लंघनों की रिपोर्ट राज्य सरकार को देने का कार्य सौंपा गया है। आदेश में विशेष रूप से ये भी बताया गया है कि धार्मिक स्थलों और मंदिरों के पास कोई पशु कटान या मांस बिक्री नहीं होनी चाहिए, जिसके लिए यूपी नगर निगम अधिनियम 1959 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 और 2011 के प्रावधानों के अंतर्गत दिया गया है।
रामनवमी पर होगी विशेष निगरानी
जारी हुए निर्देश में इस बात पर जोर दिया गया है कि 6 अप्रैल, 2025 से राम नवमी के त्योहार के दौरान विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि उस दिन कोई पशु वध न हो और दुकानों में मांस की बिक्री न हो। अधिकारियों को प्रासंगिक कानूनों और नियमों के अनुसार उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।