कोर्ट पहुंचा हिंदुजा ब्रदर्स का संपत्ति विवाद, 83 हजार करोड़ रुपये का है मामला

हिंदुजा ग्रुप के मालिक हिंदुजा भाइयों के बीच एक चिट्ठी को लेकर चल रही तनातनी अब इंग्लैंड के उच्च न्यायालय में पहुंच गया है।

नई दिल्ली: हिंदुजा ग्रुप के मालिक हिंदुजा भाइयों के बीच एक चिट्ठी को लेकर चल रही तनातनी अब इंग्लैंड के उच्च न्यायालय में पहुंच गया है। यह मामला अदालत में 84 वर्षीय श्रीचंद परमानंद हिंदुजा लेकर चलते हैं, जो परिवार का संरक्षक भी कहे जाते हैं। श्रीचंद परमानंद हिंदुजा ने अपने भाईयों जी पी हिंदुजा (80), पी पी हिंदुजा (75) और ए पी हिंदुजा (69) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला साल 2014 में लिखे गए एक पत्र की ‘वैधता और प्रभाव’ के बारे में है।

11.2 अरब डॉलर की संपत्ति को लेकर विवाद

इस लेटर की वजह से हिंदुजा परिवार की 11.2 अरब डॉलर यानी तकरीबन 83 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह पत्र जो विवाद का मुद्दा बना है, उसमें चारों भाईयों के सिग्नेचर हैं और अब श्रीचंद हिंदुजा और उनकी बेटी विनू चाहते हैं कि इस पत्र को रद्दी घोषित कर दिया जाए।

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क्या लिखा है लेटर में?

इस लेटर में लिखा है कि एक भाई के पास जो? भी दौलत है, वह सभी की है। लेकिन अब श्रीचंद हिंदुजा और उनकी बेटी चाहते हैं कि इसे अप्रभावी घोषित कर दिया जाए। श्रीचंद हिंदुजा का कहना है कि यह दस्तावेज वसीयत, पावर ऑफ अटॉर्नी और किसी अन्य बाध्यकारी दस्तावेज के रूप में मान्य नहीं होना चाहिए। इसके अलावा यह भी अपील की गई है कि इस दस्तावेज के इस्तेमाल को रोकने के लिए भी निर्देश दिए जाएं।

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अदालत में सुनवाई के बाद सामने आया मामला

मंगलवार को लंदन की एक अदालत में सुनवाई के बाद चिट्ठी का मामला सामने आया। मामले में सुनवाई करते हुए जज ने कहा कि बाकी के तीन भाई गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा ने चिट्ठी का इस्तेमाल हिंदुजा बैंक पर अपना कंट्रोल हासिल करने के लिए किया, जबकि उस पर श्रीचंद का पूरा हक है।

गोपनीयता आदेश जारी करने से इनकार

उच्च न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति फॉक ने आंशिक रूप से गोपनीयता आदेश जारी करने से इनकार कर दिया और श्रीचंद की बेटी वीनू को उनके पिता की बीमारी के चलते केस में मित्र के तौर पर काम करने और पिता के हितों का संरक्षण करने की अनुमति दी है।

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परिवार के मूल्यों के खिलाफ होगा लेटर को बेकार घोषित करना

वहीं तीनों भाइयों ने एक बयान में कहा है कि लेटर को बेकार घोषित करना हमारे संस्थापक और परिवार के मूल्यों के खिलाफ होगा। दशकों से परिवार की यही परंपरा रही है कि सब कुछ हर किसी का है। तीनों भाईयों का कहना है कि हम अपने परिवार की इस वैल्यू को बचाना चाह रहे हैं।

ब्रिटेन के अरबपतियों शामिल है हिंदुजा परिवार

बता दें कि हिंदुजा परिवार का नाम ब्रिटेन के अरबपतियों में आता है। इस ग्रुप में चार भाई हैं। इनका कारोबार करीब 100 साल से भी पहले से चला आ रहा है। हिंदुजा ग्रुप के 40 से भी अधिक देशों में फाइनेंस, मीडिया और हेल्थ केयर बिजनेस में बिजनेस हैं।

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