देखें पढ़ाकू लोग! अपराजिता जैसा बनना है तो करें ऐसा…

आज अपराजिता ने अपना सपना पूरा कर लिया है। ऐसे में अपराजिता उन सब लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं, जिनको लगता है कि वह कभी कुछ नहीं कर सकते। कई बच्चे ऐसे भी हैं, जिनको ये लगता है कि वह बिना मेहनत और लगन के सब हासिल कर लेंगे, लेकिन ऐसा सोचना भी गलत बात है। अगर आपको अपने सपने पूरे करने हैं तो उतनी ही मेहनत भी करनी होगी।

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नई दिल्ली: UPSC 2018 के एक्जाम के रिज़ल्ट इस साल आए हैं, जिसमें अपराजिता सिनसिनवार ने टॉप किया है। 759 कैंडिडेट्स में से अपराजिता ने 82वां रैंक हासिल किया है। वैसे तो हरियाणा के रोहतक की रहने वाली कभी पढ़ाई में बहुत तेज नहीं थीं। ऐसे में एक औसत स्टूडेंट ने ये साबित कर दिखाया कि कभी कोई एक्जाम मुश्किल नहीं होता।

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अगर आपने दृढ़ इच्छाशक्ति है और आप प्लानिंग के साथ पढ़ाई करते हैं तो आप कहां से कहां जा सकते हैं। इसका उदाहरण खुद अपराजिता हैं, जोकि खुद एवरेज स्टूडेंट थीं। 25 वर्षीय अपराजिता ने UPSC से पहले एक लंबा सफर तय किया है। पहले उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (PGIMS) से डॉक्टरी की पढ़ाई की।

UPSC में पहली बार में हुई फेल

डॉक्टर की डिग्री लेने के बाद उन्होंने 2017 में UPSC की परीक्षा दी, जिसमें उनको पहली बार में सफलता हासिल नहीं हुई। मगर अपराजिता ने हार नहीं मानी और एक बार फिर साल 2018 में एक्जाम दिया। इस बार उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके साथ ही, अपराजिता ये भी साबित कर दिखाया कि एक औसत बच्चा कभी भी कुछ भी कर सकता है।

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अपराजिता ने खुस ये स्वीकार किया है कि वह कभी भी ब्रिलिएंट स्टूडेंट नहीं थीं। अपने स्कूल में वह एवरेज स्टूडेंट थीं। यही नहीं, उनकी हैंडराइटिंग भी अच्छी नहीं थी, जिसकी वजह से उनके टीचर्स उनको डांटते थे। मगर अपराजिता ने इसको पॉज़िटिव वे में लिया और अपना ट्रांसफार्मेशन शुरू किया।

हैंडराइटिंग थी खराब

सबसे पहले उन्होंने ये तय किया कि वो हर सूरत में अपनी हैंडराइटिंग सुधारेंगी और पढ़ाई में मन लगाएंगी। उन्होंने अपनी हैंडराइटिंग ऐसी सुधारी कि उनको बेस्ट राइटिंग का खिताब मिल गया। अपराजिता बताती हैं कि उन्होंने बचपन में ही IAS अफसर बनाने की ठान ली थी।

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आज अपराजिता ने अपना सपना पूरा कर लिया है। ऐसे में वह उन सब लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं, जिनको लगता है कि वह कभी कुछ नहीं कर सकते। कई बच्चे ऐसे भी हैं, जिनको ये लगता है कि वह बिना मेहनत और लगन के सब हासिल कर लेंगे, लेकिन ऐसा सोचना भी गलत बात है। अगर आपको अपने सपने पूरे करने हैं तो उतनी ही मेहनत भी करनी होगी।