Health

हम जो खाना रोज बनाते है उसमें खासियत मसालों की होती है। भोजन में मसालों का बड़ा महत्व हैं जो स्पेशल महक से पेट के साथ लोगों का दिल भी जीत लेती है। कहते हैं जब भोजन से मसालों की महक ही गायब हो तो भोजन अच्छा नहीं बनता है। इसलिए मसालों को एयरटाइट रखें। कुछ ऐसे तरीके जिनकी मदद से मसालों का सही रख-रखाव कर पाएंगे ।

नई दिल्ली : मौसम बदलने के साथ बाजार में भुनी मूंगफली के ठेले – खोमचे सजने लगे हैं। मूंगफली को सस्ता बादाम भी कहा जाता है, जिससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इसके कितने सारे गुण होंगे। यह प्रोटीन का खजाना है और साथ ही वजन घटाने का कारगर आइटम भी है। जिन लोगों …

नई दिल्ली : एक जगह जम कर बैठना सेहत के लिए ठीक नहीं होता। काम के बीच-बीच में थोड़ी देर के लिए इधर-उधर उठकर जाते रहें। इससे शरीर की ऊर्जा शक्ति बढ़ती है। काम करने के लिए एनर्जी मिलती है। आप पहले से अधिक मन लगाकर काम कर सकते हैं। यह भी पढ़ें : अगर आपके …

नेशनल फेमली हेल्थ सर्वे के अनुसार छह माह से पांच वर्ष के बीच की आयु के 58.4 प्रतिशत बच्चे एनीेमिया से ग्रसित हैं। जबकि 53.3 प्रतिशत महिलायें और 27.7 प्रतिशत पुरूष भी एनीमिया से ग्रसित हैं।

आज कल कम उम्र में ही बच्चों की आंखों पर चश्मे चढ़ने लगते हैं। बच्चों पर चश्में लगने की वजह पैरेंट्स बच्चे के टीवी और मोबाइल देखने को मानते हैं। लेकिन बच्चों की आंखों की कमजोरी का कारण टीवी या मोबाइल नहीं,

नई दिल्ली: भारत में साढ़े सात फीसदी लोग किसी न किसी मानसिक बीमारी से पीडि़त हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि वर्ष २०२० तक भारत की २० फीसदी जनसंख्या मानसिक बीमारियों का शिकार होगी। ये स्थिति भयावह है लेकिन उससे भी ज्यादा परेशानी की बात ये है कि हमारे देश में मानसिक स्वास्थ्य …

नई दिल्ली : कई लोगों को ऐसा लगता है कि अर्थराइटिस या गठिया बुजुर्गों की बीमारी है लेकिन सच्चाई ये है कि ये बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। मूल रूप से ऑस्टियोअर्थराइटिस, अर्थराइटिस का ही एक रूप है, जो कि उम्र बढऩे पर अधिक पाई जाती है, लेकिन रूमेटाइड अर्थराइटिस किसी भी …

नई दिल्ली : प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक तो है ही, हमारी सेहत के लिए भी घातक है। आप अपने किचन या फिर ऑफिस के आस-पास नजर दौड़ाएंगे तो बहुत ही कम संभावना है कि आपको प्लास्टिक वाली पानी की बोतलें, कॉफी के कप, स्ट्रॉ, थैलियां, कंटेनर या फिर पानी के गिलास जैसे सिंगल …

दरअसल लगातार शरीर का बढ़ता वजन बॉडी में थाईरॉयड, पीसीओडी और डायबिटीज जैसी भयंकर बीमारियों का कारण बन सकता है। मोटापा न सिर्फ आपके लुक को बिगाड़ता है, बल्कि ये ब्लड डिसॉर्डर और हार्ट डिसीज (हृदय रोग) का कारण भी बनता है।

नई दिल्ली : मड़ुआ या रागी सेहत के लिये बहुत मुफीद मानी जाती है। वजन घटाने के लिए इस अनाज का प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है। रागी को मोटे अनाजों में शुमार किया जाता है। इसमें प्रोटीन, केल्शियम, आयरन, ट्रिपटोफैन, मिथियोनिन और फाइबर मौजूद होते हैं। इसे हाई फाइबर फूड्स में काउंट किया जाता है। …