INX मीडिया केस: CBI की चार्जशीट पर अदालत ने लिया संज्ञान, होगा ये बड़ा फैसला

INX मीडिया केस में  पी. चिदंबरम को कोई भी रहता मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अपडेट ख़बरों के अनुसार CBI का कहना है कि चार्जशीट में कुल 14 आरोपी हैं, जिनमें 4 कंपनियां, 7 पब्लिक सर्वेंट और बाकी निजी व्यक्ति शामिल हैं। आगे की जांच जारी है।

 

नई दिल्ली: INX मीडिया केस में  पी. चिदंबरम को कोई भी रहता मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अपडेट ख़बरों के अनुसार CBI का कहना है कि चार्जशीट में कुल 14 आरोपी हैं, जिनमें 4 कंपनियां, 7 पब्लिक सर्वेंट और बाकी निजी व्यक्ति शामिल हैं। INX मीडिया मामले में दायर CBI की चार्जशीट पर दिल्ली की एक अदालत ने संज्ञान लिया। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को 24 अक्टूबर को अदालत में पेश किया जाएगा ।

बता दें कि अधिकारियों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम से करीब 2 घंटे तक पूछताछ की थी। विशेष अदालत की तरफ से ED के तीन अधिकारियों को आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम से पूछताछ की अनुमति मिली थी। इस दौरान पी चिदंबरम के बेटे कार्ति और पत्नी नलिनी चिदंबरम भी तिहाड़ जेल पहुंचे थे। वहीं बड़ी खबर आई है कि ईडी ने पी चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया है।

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पी. चिदंबरम की हुई गिरफ्तारी

दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में दो घंटे चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। ED ने अभी सिर्फ कागज़ों पर गिरफ्तारी की है, कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जेल से बाहर लाया जाएगा। फिलहाल तिहाड़ जेल प्रशासन के पास पी. चिदम्बरम को ED के साथ भेजने का आदेश नहीं था। चिदम्बरम से पूछताछ करने के लिए ED के तीन अधिकारियों की टीम तिहाड़ जेल गई थी।

ज्ञात हो कि, पी चिदंबरम सीबीआई द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। पी चिदंबरम 21 अगस्त को न्यायिक हिरासत में लिए गए थे और उन्हें 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में रखा जाना था। अब तक चिदंबरम हिरासत में 55 दिन बिताए हैं।

मंगलवार को कोर्ट ने कहा था कि, अगर जरुरी हुआ तो ईडी पूछताछ के बाद चिदंबरम को गिरफ्तार भी कर सकती है। वहीं चिंदबरम ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर जमानत की मांग की है।

जरुरत हो तो गिरफ्तार भी कर सकती है एजेंसी- कोर्ट

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायधाश अजय कुमार कुहार ने मंगलवार को ईडी की याचिका पर चिदंबरम से पूछताछ के लिए सुबह 8.30 बजे के बाद आधे घंटे का समय दिया था। कोर्ट ने कहा था कि एजेंसी पहले चिदंबरम से पूछताछ करे और फिर जरुरी हो तो उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। हालांकि गिरफ्तार करने से पहले एजेंसी को उसका आधार बताना होगा।

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बता दें कि इससे पहले ईडी ने कोर्ट में चिदंबरम से पूछताछ करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की थी। जिस पर चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि, ये सही तरीका नहीं है। एक व्यक्ति की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एजेंसी को जेल में चिदंबरम से पूछताछ करनी चाहिए। कोर्ट ने भी सिब्बल की दलील को स्वीकार करते हुए एजेंसी को जेल में पूछताछ करने की अनुमति दे दी थी।

वहीं कोर्ट ने 10 अक्टूबर को चिदंबरम की ओर से जारी किए गए प्रोडक्शन वारंट रद्द करने की अर्जी को खारिज कर दिया। अर्जी में कहा गया था कि कोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट करने से पहले उनका पक्ष नहीं जाना। इसलिए ये कानूनन गलत है और इसको खारिज किया जाना चाहिए।

CBI जेल में रखकर अपमान करना चाहती है- चिदंबरम

पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में दायर जमानत याचिका में कहा कि, CBI उनको जेल में रखकर उनका अपमान करना चाहती है। जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम या उनके परिवार पर किसी भी गवाह से संपर्क साधने और उस पर कोई प्रभाव डालने का आरोप नहीं है।

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इसके अलावा उन पर वित्तीय घाटे या फंड की हेराफेरी का भी आरोप नहीं है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सामने बुधवार को CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अपनी दलीलें रखेंगे। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है, जिसमें उसने जमानत याचिका का विरोध किया है।