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लॉकडाउन बना आफत! रिसर्च में खुलासा, 50% ग्रामीणों को नहीं मिल रहा भरपेट खाना

कोरोना वायरस से देश को बचाने के लिए लॉकडाउन लागू किया गया है। लेकिन इससे ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। लॉकडाउन की वजह से देश के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भरपेज भोजन नहीं मिल पा रहा है।

Shreya
Updated on: 13 May 2020 4:10 AM GMT
लॉकडाउन बना आफत! रिसर्च में खुलासा, 50% ग्रामीणों को नहीं मिल रहा भरपेट खाना
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लॉकडाउन बना आफत! रिसर्च में खुलासा, 50% ग्रामीणों को नहीं मिल रहा भरपेट खाना
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस से देश को बचाने के लिए लॉकडाउन लागू किया गया है। लेकिन इससे ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। लॉकडाउन की वजह से देश के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भरपेज भोजन नहीं मिल पा रहा है। यह बात कोरोना वायरस और लॉकडाउन के प्रभावों को लेकर किए गए एक अध्ययन में सामने आई है।

लॉकडाउन में कम भोजन कर रहे लोग

इस अध्ययन को 12 राज्यों के ग्रामीण इलाकों के 5 हजार से अधिक घरों में किया गया है, जो कि सिविल सोसायटी संगठनों ने किया है। सर्वे में यह बात पता चली है कि लॉकडाउन के दौरान इनमें से आधे लोग भोजन में कम चीजे ही खा रहे हैं। इसके अलावा उनके खाने की संख्या में भी कमी आई है।

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दिन में कम बार ही कर रहे भोजन

स्टडी में शामिल 68 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्होंने भोजन में शामिल होने वाली चीजों की संख्या घटा दी है। वहीं 50 फीसदी लोगों ने कहा कि पहले की तुलना में अब वो दिन में कम बार भोजन कर रहे हैं। जबकि 24 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्हें भोजन के लिए अनाज दूसरों से मांगना पड़ा।

इन्हें नहीं मिल रहा राशन

सर्वे में शामिल 84 फीसदी लोगों ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public distribution system- PDS) के जरिए उन्हें राशन मिल रहा है। जबकि 16 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्हें अब भी PDS के जरिए राशन नहीं मिल रहा है। इस सर्वे में पीडीएस के साथ-साथ आने वाले खरीफ सीजन के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा किए गए निवेश को भी पैमाना बनाया गया।

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इन राज्यों को किया गया शामिल

यह सर्वे 'कोविड-19 से लॉकडाउन- देश के इलाके कैसे लड़ रहे हैं' के नाम से 28 अप्रैल से 2 मई तक किया गया। जिसमें 12 राज्यों के 47 जिलों के 5 हजार 162 घरों को शामिल किया गया। इस अध्ययन में मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, असम और कर्नाटक शामिल रहे।

संरक्षित अनाज तेजी से घट रहा

सर्वे में लोगों के घरों में खाद्यान्न के स्टॉक यानि संरक्षित अनाज को लेकर भी गंभीर संकेत मिला। सर्वे में शामिल एक तिहाई से ज्यादा घरों का कहना है कि इस दौरान उनका संरक्षित अनाज तेजी से घट रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि उन्हें पिछली बार खरीफ की फसल से अतिरिक्त अनाज नहीं मिला। वहीं तिहाई घरों का कहना है कि उनके पास मई आखिर तक का ही खरीफ का स्टॉक बचा हुआ है।

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लॉकडाउन 4.0 को लेकर मिले संकेत

बता दें कि भारत में लॉकडाउन का तीसरा फेज (लॉकडाउन 3.0) चल रहा है। जो कि 17 मई को खत्म होने वाला है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को संबोधित करते हुए लॉकडाउन 4.0 को लेकर संकेत दे दिए हैं। लेकिन यह भी स्पष्ट किया गया है कि चौथा चरण पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा। नए नियमों वाला होगा।

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