इस राज्य की तीन राजधानियां बनाने पर बवाल, सड़कों पर उतरी हजारों की भीड़

आंध्र प्रदेश विधानसभा ने राज्य में तीन राजधानी बनाने संबंधी बिल को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद आंध्र सीएम वाईएस जगनमोहन रेड्डी की सरकार ने यह बिल विधानसभा में पेश किया था।

विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश विधानसभा ने राज्य में तीन राजधानी बनाने संबंधी बिल को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद आंध्र सीएम वाईएस जगनमोहन रेड्डी की सरकार ने यह बिल विधानसभा में पेश किया था।

बिल के अनुसार, विशाखापत्तनम को कार्यकारी, अमरावती को विधायी और कुर्नूल को न्यायिक राजधानी बनाया जाएगा। आंध्र विधान परिषद से इस बिल के पास होने के बाद आंध्र प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य हो जाएगा जिसकी तीन राजधानी होंगी।

आंध्र सरकार इस कदम को राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी बता रही है, हालांकि सरकार के इस कदम का व्यापक विरोध भी शुरू हो गया है।

आंध्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ अमरावती में हजारों किसानों और महिलाओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। प्रदर्शन करने वाले लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर विधानसभा परिसर तक पहुंच गए थे।

वित्त मंत्री के मुताबिक, हम जोनल डेवलपमेंट बोर्ड स्थापित करेंगे

वित्त मंत्री ने कहा- हम जोनल डेवलपमेंट बोर्ड स्थापित करेंगे, जो विकासकार्यों को गति देने का काम करेगा। हम अमरावती मेट्रोपोलिटन रीजन बना रहे हैं, इसमें विधि संबंधी निर्णय लिए जाएंगे।

इस लिहाज से अमरावती विधि राजधानी होगी, जबकि विशाखापट्टनम कार्यकारी राजधानी बनाई जाएगी। कुर्नूल अर्बन डेवलपमेंट एरिया न्यायिक राजधानी होगा। उन्होंने सदन को बताया कि राज भवन और सचिवालय विशाखापट्टनम में स्थानांतरित होगा।

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पूर्व मुख्यमंत्री नायडू ने विरोध प्रदर्शन किया

कैबिनेट की बैठक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने टीडीपी नेताओं के साथ विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। अमरावती, विजयवाड़ा और गंटूर में नेताओं को हिरासत में लिया गया। राज्य के 29 गांवों में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जगन मोहन रेड्डी सरकार विजयवाड़ा और गंटूर डेवलपमेंट अथॉरिटी का निर्माण भी कर सकती है, जिनका काम दो शहरों में समान विकासकार्यों को क्रियान्वित करना होगा।

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कहीं विरोध तो कहीं दूध से अभिषेक

तेलुगू देशम पार्टी सांसद जयदेव गल्ला को पुलिस ने हिरासत में लिया। वे कैबिनेट द्वारा पारित किए गए 3 राजधानियों के बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों की रैली में शामिल थे। वहीं, विशाखापट्टनम में वायएसआर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी द्वारा राज्य की 3 राजधानियां बनाए जाने वाले विधेयक को मंजूरी दिए जाने पर मुख्यमंत्री की फोटो का दूध से अभिषेक किया।

विधानसभा परिसर में विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में टीडीपी विधायकों ने पैदल मार्च किया और इस कदम पर विरोध जताया। मुख्यमंत्री जगनमोहन के संबोधन के दौरान व्यवधान डालने के आरोप में टीडीपी के 17 विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। बाद में इन विधायकों के साथ सदन के गेट पर नायडू पर धरने पर बैठ गए, अमरावती के ग्रामीण इलाकों में जाने की कोशिश कर रहे नायडू को पुलिस ने हिरासत में लेकर उन्हें उनके घर छोड़ दिया।

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चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां तीन राजधानी हों। उन्होंने कहा, “यह एक काला दिन है, हम अमरावती और आंध्र प्रदेश को बचाना चाहते हैं। केवल वह ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और सड़कों पर हैं।”

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