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कोरोना इफेक्ट: भारत का ये शहर बना इटली और वुहान, दहशत में जी रहे लोग

वैश्विक महामारी कोरोना  से निपटने के लिए पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। अब तक भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 800 के पार  जा चुकी  है। इसमें राजस्थान के भीलवाड़ा के हालात बेहद भयावह है। यहां कोरोना वायरस (COVID-19) के भयावह फैलाव को देखते हुए इसकी तुलना इटली से हो रही है।

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sumanBy suman

Published on 28 March 2020 4:19 AM GMT

कोरोना इफेक्ट:  भारत का ये शहर बना इटली और वुहान, दहशत में जी रहे लोग
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भीलवाड़ा: वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। अब तक भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 800 के पार जा चुकी है। इसमें राजस्थान के भीलवाड़ा के हालात बेहद भयावह है। यहां कोरोना वायरस (COVID-19) के भयावह फैलाव को देखते हुए इसकी तुलना इटली से हो रही है।

दरअसल इस जिला में अब तक साढ़े तीन लाख लोगों की कोरोना वायरस की जांच हो चुकी है। बता दें कि भीलवाड़ा में एक निजी अस्पताल में तीन डॉक्टरों और नौ नर्सिंग कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद महामारी के खतरे के देखते हुए बड़े स्तर पर लोगों की जांच कराई जा रही है। संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए जिले में कर्फ्यू लगा दिया है और शहर की सीमाओं को सील कर दिया है। अगर इस शहर को भारत का इटली कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि जिस तरह दुनिया में जिस तरह कोविड-19 के मामले बढ़े ठीक उसी तेजी के साथ राजस्थान के भीलवाड़ा में भी कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। राजस्थान में अब तक कोरोना वायरस के 45 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 21 कोरोना पॉजिटिव अकेले भीलवाड़ा जिले से हैं। किलों और महलों के लिए मशहूर भारत की पर्यटक राजधानी माने जाने वाले इस राज्य में कोरोना से पहली मौत भीलवाड़ा में ही हुई थी। 19 मार्च को पहला केस आया था। बांगड़ अस्पताल के डॉक्टर आलोक शर्मा समेत छह लोग एक साथ पॉजिटिव मिले थे, जिसके बाद ही राजस्थान सरकार हरकत में आई थी।

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सीएमएचओ डॉक्टर के अनुसार

भीलवाड़ा के सीएमएचओ डॉक्टर मुस्ताक अहमद की माने तो यहां कोरोना पॉजिटिव मामले निजी अस्पताल बांगड़ से ही निकले हैं। बांगड़ 86 बिस्तरों का अस्पताल है। क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने के कारण ही कारण इंफेक्शन फैल गया। ओपीडी संक्रमित होने के बावजूद 7 हजार लोगों को डॉक्टरों के संपर्क में आए। अस्पताल के एक किलोमीटर तक का क्षेत्र सील किया जा चुका है। धारा 144 लागू कर दी गई है। 457 सैंपल में से 19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने वाला देश का पहला एपिक सेंटर बन चुके भीलवाड़ा में विदेश से आए 133 लोग भी हाई रिस्क पर हैं। चार पॉजिटिव लोग जयपुर में भर्ती हैं। जितने भी मामले सामने आए हैं, एहतियातन सभी के परिजन का भी इलाज किया जा रहा है।

साढ़े तीन लाख लोगों की जांच

मिली जानकारी के अनुसार 19 मार्च से 24 मार्च तक 1,075 दलों ने शहर और ग्रामीण इलाकों में रह रहे साढ़े तीन लाख लोगों की जांच की।भीलवाड़ा में बिना जांच के प्रवेश और निकास निषेध कर दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। इस जिले की तुलना इटली से करने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी स्थिति से निबटने के लिए वेंटीलेटर, मास्क, सैनिटाइजर की कोई कमी नहीं है। विभाग बारीकी से निगरानी बनाये हुए है और चिंता की कोई बात नहीं है।आकड़ों के अनुसार आपको बता दें कि भीलवाड़ा में 13 पॉजिटिव मरीजों के सीधे संपर्क में कुल 124 लोग आये हैं, 95 विदेश से वापस लौटे लोगों सहित 2,507 लोग एन्फलूएंजा जैसी बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं। 123 लोग घरों में आइसोलेट रह रहे हैं, 38 लोग हॉस्पिटल आइसोलेशन वार्ड में हैं।

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बन रहे क्वारंटीन सेंटर

सर्वाधिक मौत के साथ कोरोना का केंद्र बिंदु बना चुके भीलवाड़ा में भयावह होते हालातों को नियंत्रित करने के लिए जिले के होटलों, हॉस्टलों और रिजॉर्ट समेत कई इमारतों को सरकार ने क्वारंटीन सेंटर में तब्दील करने का काम शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर पता कर रहे हैं कि उनके यहां कोई विदेश से तो नहीं आया है। संदिग्धों की ट्रेवल हिस्ट्री निकाली जा रही है। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के साथ-साथ बदनाम हो चुके बांगड़ अस्पताल में किसी का इलाज हुआ है या नहीं ये भी पूछा जा रहा है। 26 मार्च को एक ही दिन में हुई दो मौत से पहले 20 मार्च को भी इटली के एक नागरिक की मौत भी किडनी से जुड़ी बीमारी की वजह से हुई थी।

अतिसंवेदनशील दहशत में भाग रहे लोग

लोगों में दहशत का माहौल है। जान बचाने के लिए रहवासी दूसरे जिलों में जा रहे हैं, यही कारण है कि वहां कम्यूनिटी इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। 11 हजार लोग संदिग्ध हैं, जिनमें से 6445 को होम आइसोलेशन में रखा गया है।भीलवाड़ा में कम्यूनिटी इंफेक्शन फैल चुका है। तीसरा स्टेज चल रहा है। सूबे के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को मीडिया के सामने आकर बताना पड़ा कि पूरे जिले की जांच हो चुकी है। करीब 28 लाख जनसंख्या वाले भीलवाड़ा जिले को सरकार पहले ही अतिसंवेदनशील बता चुकी है।

पूरे राजस्थान में पॉजिटिव पाए गए45 मरीजों में से 19 भीलवाड़ा में, 6 जयपुर में, 4 झुंझुनूं में, 3 जोधपुर में 2 प्रतापगढ़ में, पाली और सीकर में एक-एक पाया गया है। इसके अलावा इटली की दंपती भी कोरोना वायरस (COVID-19) से संक्रमित पाया गया था, वहीं अभी 89 लोगों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।ऐसी हालात को देखते हुए राजस्थान सरकार ने पूरे राज्य में 31 मार्च तक लॉकडाउन किया है। लॉकडाउन में घर में रहकर कोरोना की लड़ाई में भाग ले। द फैक्ट इंडिया की ओर से अपील है अगले 21 दिनों तक घर से बाहर न जाए, जरूरी सामान के लिए ही बाहर निकले।

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