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बड़ा खतरा भारत में: अब नई महामारी ने बिछा दी लाशें, तेजी से पक्षियों की हो रही मौत

कोरोना वायरस से हटकर अब बर्ड फ्लू का खतरा जोरों से मंडराने लगा है। राजस्थान के तमाम हिस्सों में कौओं की मौत के बाद उनमें एवियन इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। ऐसे में अब मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी पक्षियों को लेकर संक्रमण का बड़ा खतरा दिखा है।

Vidushi Mishra

Vidushi MishraBy Vidushi Mishra

Published on 3 Jan 2021 1:00 PM GMT

बड़ा खतरा भारत में: अब नई महामारी ने बिछा दी लाशें, तेजी से पक्षियों की हो रही मौत
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बर्ड फ्लू पक्षियों, इंसानों और जानवरों को भी हो सकता है। लेकिन इस वायरस से होने वाली बीमारी के ज्यादातर रूप पक्षियों तक ही सीमित हैं।
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नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर अभी पूरी तरह से हटा नहीं है, और अब बर्ड फ्लू का खतरा जोरों से मंडराने लगा है। राजस्थान के तमाम हिस्सों में कौओं की मौत के बाद उनमें एवियन इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। ऐसे में अब मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी पक्षियों को लेकर संक्रमण का बड़ा खतरा दिखा है। राज्यों में एक के बाद एक फैल रहे संक्रमण को लेकर सरकारें सतर्क हो गई हैं। आपको बता दें, बर्ड फ्लू भी वायरस जन्य संक्रमण है। ये वायरस सिर्फ पक्षियों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इंसानों कोे भी संक्रमित करता है।

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संक्रमित चिकन लेने वाले भी बीमार

ऐसे में विशेषज्ञों के अनुसार, बर्ड फ्लू पक्षियों, इंसानों और जानवरों को भी हो सकता है। लेकिन इस वायरस से होने वाली बीमारी के ज्यादातर रूप पक्षियों तक ही सीमित हैं। इसका सबसे आम रूप H5N1 एवियन इंफ्लूएंजा कहलाता है।

एवियन इंफ्लेूएंजा बेहद संक्रामक है और अगर समय रहने पर इलाज न मिलने की वजह से जानलेवा भी हो सकता है। इस पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, सबसे पहले एवियन इंफ्लूएंजा के मामले साल 1997 में दिखे। संक्रमित होने वाले लगभग 60 प्रतिशत लोगों की जान चली गई।

बहुत पहले साल 1997 में हांगकांग के मुर्गीपालन व्यवसाय से जुड़े लोगों में ये बीमारी फैली थी। उस समय इस बारे में कोई जानकारी न होने की वजह से संक्रमित चिकन लेने वाले भी बीमार होते गए और काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद ही H5N1 वायरस का पता चला था।

Crows फोटो-सोशल मीडिया

उस समय पोल्ट्री में काम करने वालों के लिए अलग प्रोटोकॉल बना। इसके साथ ही मांसाहारी खाने वालों के लिए कई नियम बनाए गए। जैसे कि अधपका मीट या चिकन या फिर अंडे भी नहीं खाने चाहिए, वरना संक्रमण होने का डर रहता है।

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इंफेक्शन होने का डर

बता दें, इसके लिए कई रिस्क फैक्टर भी हैं। जैसे अगर कोई पोल्ट्री में या पक्षियों से जुड़ा काम करता हो तो पक्षियों से उस तक संक्रमण पहुंच सकता है। संक्रमित पक्षी, चाहे वो जीवित हो या फिर मृत, उसके संपर्क में आना, बीमार करता है। अधपका चिकन या अंडे खाना खतरनाक होता है। बीमार पक्षी की साफ-सफाई के दौरान भी इंफेक्शन होने का डर रहता है।

इस बीमारी के लक्षण कई आम बीमारियों से मिलते-जुलते हैं इसलिए समय पर इसे पहचाना जाना मुश्किल है। इसी वजह से बर्ड फ्लू के लिए विशेषज्ञ खाने-पकाने को लेकर सावधानी बरतने को कहते हैं।

बीमारी के लक्षणों में बुखार, नाक बहना, सिरदर्द, मांसपेशियों में जकड़न, दस्त, उबकाई या उल्टी आना, पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द और आंखों का लाल होना जैसे बातें शामिल हैं। ये बीमारी फेफड़ों पर सबसे ज्यादा असर डालती है।

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