CAA पर राज्य सरकारों को दरकिनार करने के प्रयास में मोदी सरकार, निकाला ये तोड़…

केंद्र की मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकारों को दरकिनार करने का फैसला लिया है। मोदी सरकार सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पर विचार कर रही है। दरअसल, देश में कई राज्यों की सरकार सीएए का विरोध कर रही है।

Published by Shivani Awasthi Published: January 1, 2020 | 10:01 am
Modified: January 1, 2020 | 10:03 am
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दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार (Central Government) ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकारों को दरकिनार करने का फैसला लिया है। मोदी सरकार सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पर विचार कर रही है। दरअसल, देश में कई राज्यों की सरकार सीएए का विरोध कर रही है।

नागरिकता के लिए आवेदन होगा ऑनलाइन

नागरिकता संशोधन कानून के तहत नागरिकता प्रदान करने की समूची प्रक्रिया केंद्र द्वारा ऑनलाइन बनाने की संभावना है, ताकि राज्यों को इस कवायद में दरकिनार किया जा सके। इस बारे में केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी। इस प्रक्रिया के तहत कोई भी व्यक्ति जो कानून के दायरे में आता है वो बिना किसी अधिकारी या राजनीतिक हस्तक्षेप के भारत की नागरिकता सरल चरणों में पा सकेगा।

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राज्य सरकार सीएए प्रक्रिया से होंगे दूर

इस प्रक्रिया के ऑनलाइन होने से किसी भी स्तर पर राज्य सरकार इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर पाएगी। वहीं केंद्र सरकार ऐसा नियम तैयार करने की कवायद में हैं, जिससे राज्य सरकारों के पास सीएए के क्रियान्वयन को खारिज करने की शक्ति नहीं होगी। बता दें कि यह अधिनियम संविधान की सातवीं अनुसूची की संघ सूची के तहत बनाया गया है। इसके तहत शामिल किसी भी कानून के क्रियान्वयन से इनकार करने का अधिकार राज्यों को नहीं होता है।

केंद्र सरकार के इस कदम की वजह:

दरअसल, कुछ राज्य इस नये कानून के खिलाफ हैं। कई राज्यों के मुख्यमंत्री सीएए के विरोध में प्रदर्शन तक कर रहे हैं, वहीं कई राजनीतिक दल और उनके नेता भी इस कानून के विरोध में हैं। ऐसे में कानून का इन राज्यों में क्रियान्वयन राज्य सरकारों द्वारा किया जाना मुश्किल है। वहीं आवेदनकर्ता विरोध करने वाली राज्य सरकारों के प्रभाव के कारण इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकेंगे।

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ये राज्य कर रहे सीएए का विरोध:

सीएए का केरल सहित , पश्चिम बंगाल, पंजाब, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री विरोध कर रहे हैं। केरल में मंगलवार को विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर इस विवादास्पद अधिनियम को वापस लेने की मांग की गई।

वहीं पश्चिम बंगाल, पंजाब, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कुछ अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस कानून के ‘‘असंवैधानिक’’ होने की घोषणा की है और कहा कि इसके लिए उनके राज्यों में कोई जगह नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तो इस कानून के विरोध में सड़क पर उतर आई और प्रदर्शन तक कर चुकी हैं।

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