राम मंदिर विवाद: CJI बोले- अब बहुत हुआ, बीच में कोई नहीं करेगा टोका-टाकी

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर विवाद पर सुनवाई शुरू हो गई है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष ने अपनी ओर से लिखित बयान अदालत में पेश किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान किसी भी टोका-टाकी पर रोक लगाया है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर विवाद पर सुनवाई शुरू हो गई है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष ने अपनी ओर से लिखित बयान अदालत में पेश किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान किसी भी टोका-टाकी पर रोक लगा दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर सुनवाई शुरू होते ही चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा है कि अब बहुत हुआ, शाम 5 बजे तक इस मामले में पूरी सुनवाई पूरी होगी और यही बहस का अंत होगा।

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चीफ जस्टिस ने कहा कि अब कोई बीच में टोका-टाकी नहीं करेगा, बहस आज ही शाम 5 बजे खत्म होगी। एक वकील ने मामले में हस्तक्षेप की अपील की तो चीफ जस्टिस ने अपील खारिज कर दी।

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बता दें कि इससे पहले चीफ जस्टिस राम मंदिर मामले की सुनवाई की समय सीमा पर सख्त रुख अपना चुके हैं। उन्होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द बहस खत्म करने की अपील की है। इससे पहले भी जब मंगलवार को वकीलों ने अधिक समय मांगा था, तब भी उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो दिवाली तक बहस जारी रहेगी।

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मंगलवार को रामलला विराजमान के वकील सी.एस. वैद्यनाथन ने कहा था कि उन्हें दलील पूरी करने के लिए बुधवार को एक घंटे का और समय चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि बुधवार को 40वां दिन है और यह आप सभी की दलीलों का अंतिम दिन है। आपने लिखित दलीलें हमें दे रखी हैं।

इसके बाद वैद्यनाथन ने कहा कि मामला गंभीर है और आपको सुनना चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताई और कहा कि इस तरह तो फिर दिवाली तक सुनवाई चलती रहेगी।

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हलफनामे का कोर्ट में कोई जिक्र नहीं

सुन्नी वक्फ बोर्ड की मध्यस्थता या किसी अन्य हलफनामे का देश की सर्वोच्च अदालत में कोई जिक्र नहीं किया गया है। केस वापसी को लेकर किसी पक्ष ने कोई अपील नहीं की। इससे पहले ऐसी अटकलें थीं कि सुन्नी वक्फ बोर्ड जमीन पर दावा छोड़ने को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत में अपील दायर की है। लेकिन सुनवाई शुरू के समय ऐसी कोई अपील कोर्ट के सामने नहीं आई थी।