चीन-पाकिस्तान हुए एक: भारत के हर बॉर्डर पर चीनी सैनिक, तेजी से कर रहा घेराबंदी

चीन अपनी धोखेबाजी से बाज नहीं आ रहा है, ये अब दुश्मन देश पाकिस्तान के जरिए भारत को अपना निशाना बनाने की फिराक में है। जीं हां चीन पाकिस्तान के रास्ते से भारत को घेर रहा है।

नई दिल्ली : चीन अपनी धोखेबाजी से बाज नहीं आ रहा है, ये अब दुश्मन देश पाकिस्तान के जरिए भारत को अपना निशाना बनाने की फिराक में है। जीं हां चीन पाकिस्तान के रास्ते से भारत को घेर रहा है। भारत की पाकिस्तान से लगने वाले बॉर्डरों पर बड़ी तादात में चीन की सेना तैनात है और तो और भारतीय सीमा के नजदीक चीनी सैनिकों के लिए दो एयरपोर्ट भी बन कर तैयार हो चुके है, जबकि दो एयरपोर्ट का काम जारी है। चीन भारत के बॉर्डर के पास पाकिस्तान को बंकरों को बनाने में भी सहायता कर रहा है। चीन को ये सब करने की इजाजत पाकिस्तान ने दी है। असल में चीन पाकिस्तान की भारतीय बॉर्डर पर करोड़ों रूपये का निवेश कर चुका है, जिसके चलते चीनी सेना यहां इतनी एक्टिव है।

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चलिए आपको बताते हैं कि भारत की किन-किन सीमाओं पर चीन की हरकतें तेजी पकड़ रही हैं।

1. बीते कुछ महीनों से राजस्थान की जैसलमेर के घोटारु बॉर्डर के ठीक सामने 25 किलोमीटर की दूरी पर कदनवाली के खेरपुर में चीनी एयरबेस तैयार हो चुका है और चीनी सैनिकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

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सभी सीमाओं पर चल रही तैयारी

घ्यान देने वाली बात तो ये है कि पाकिस्तान ने इस एयरबेस पर मिग-21 के समकक्ष चीन से मिले चेनगुड जे-7 फाइटर विमान, जे.एफ-17 फाइटर विमान, वाई-8 रडार और कई एडवांस विमान भी आते हैं।

2. बात करें, बाड़मेर में मुनाबाव की तो इसके सामने थारपारकर में भी चीनी सैनिक एयरपोर्ट बना रहे हैं। बता दें, इसकी दूरी भी भारत के बॉर्डर से लगभग 25 किमी. है। यह एयरपोर्ट पर अभी काम चल रहा है।

3. इसके साथ ही चीन के सैनिक गुजरात से लगने वाले बॉर्डर पर भी एयरपोर्ट तैयार कर रहे हैं। गुजरात की सीमा के सामने 20 किमी. दूर मिठी में एक एयरपोर्ट बन रहा है।

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रेल पटरियां बिछाने की भी प्लानिंग

4. बिल्कुल ऐसे ही चीन-पाकिस्तान कॉरिडोर के नाम पर रेल पटरियां बिछाने की भी प्लानिंग है। उनकी इस योजना पर भी काम चल रहा है। लेकिन इस पर पाकिस्तान का कहना है कि चीन की मदद से बने इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल चीन की तेल और गैस निकालने वाली कंपनिया करेंगी क्योंकि करांची एयरपोर्ट से इन्हें यहां तक पहुंचने में दिक्कतें आती थीं। हालांकि बता दें, ये पाकिस्तान और चीन की चाल भी हो सकती है जिस पर सख्त नजर रखने की जरुरतत है।

इन सबके साथ ही एक खूफिया जानकारी मिली है। इस जानकारी के मुताबिक, जैसलमेर के सामने पाकिस्तान के पीरकमाल और चोलिस्तान में बड़ी संख्या में चीनी सैनिक देखे जाते रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए ये बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

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लगातार बढ़ रही चीन की दिलचस्पी

देखा जाए तो कई सालों से सूनसान पड़े रेगिस्तान में चीन की दिलचस्पी और सामरिक ठिकानों को बनाने की ये कोशिश भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए हैरान-परेशान करने वाली है।

वहीं ये भी जानकारी मिली है कि कराची, जकोकाबाद, क्वेटा, रावलपिंडी, सरगोडा, पेशावर, मेननवाली और रिशालपुर जैसे एयरबेस को चीनी सैनिक अत्याधुनिक बना रहे हैं।

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के पूर्व डीआईजी ब्रिगेडियर बी.के. खन्ना का इस बारे में कहना है कि भारत को पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन को ध्यान में रखकर पश्चिमी सीमा पर तैयारी करनी चाहिए क्योंकि इस इलाके में बड़ी संख्या में चीन की मौजूदगी हमारी सुरक्षा के लिए खतरा है।

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