नागरिकता कानून: फूकें रेलवे स्टेशन, जलाई गाड़ियां, जानिए देश का हाल

नागरिकता संशोधन कानून 2019 के विरोध में पूर्वोत्‍तर भारत से भड़की हिंसा अब पूरे देश में फैल गई है। नॉर्थ ईस्‍ट और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने जमकर हिंसा की है और वहां अभी भी हालात तनावपूर्ण हैं।

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून 2019 के विरोध में पूर्वोत्‍तर भारत से भड़की हिंसा अब पूरे देश में फैल गई है। नॉर्थ ईस्‍ट और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने जमकर हिंसा की है और वहां अभी भी हालात तनावपूर्ण हैं। असम में कई जिलों में अभी भी कफ्र्य लगा हुआ और इंटरनेट बंद है। असम, मेघालय, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और दिल्‍ली समेत देश के कई राज्यों में प्रदर्शन के बाद अब मुंबई में भी इस कानून का विरोध हो रहा है।

शुक्रवार को दिल्‍ली का जामिया मिलिया विश्‍वविद्यालय के छात्रों ने शुक्रवार को जमकर प्रदेशन किया और इसी छात्रों और पुलिस के बीछ झड़प भी हुई। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने मुर्शिदाबाद के सागरदीघी इलाके में महिषासुर स्टेशन पर तोड़फोड़ की है। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी और अमित शाह के पुतले भी फूंके। इसके अलावा हावड़ा में प्रदर्शनकारियों ने हाइवे को बंद कर दिया।

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प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने कोना हाइवे पर एक सरकारी बस और कई प्राइवेट बसों को जलाया है। पश्चिम बंगाल में सड़कें अवरुद्ध करने और रेलवे स्टेशनों पर तोड़फोड़ करने के अगले दिन शनिवार को तनाव बढ़ गया जिससे सड़कों पर यातायात और रेल परिवहन बाधित हो गया।

नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही भीड़ ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले में पूर्वी रेलवे के बेलदांगा रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ कर दी, जिसके बाद रेलकर्मियों को वहां से भागना पड़ा। उग्र प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन मास्टर के केबिन में आग लगा दी और टिकट काउंटर में तोड़फोड़ करने के बाद उसमें आग लगा दी।

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तो वहीं नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से जारी प्रदर्शनों को देखते हुए गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में लगाए गए कर्फ्यू में कुछ घंटों की ढील दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि गुवाहाटी में सुबह नौ बजे से शाम 4 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है। डिब्रूगढ़ में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ढील दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस लोगों को इस ढील की जानकारी देने के लिए लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल कर रही है।

दिसपुर, उजान बाजार, चांदमारी, सिलपुखुरी और जू रोड सहित कई स्थानों पर दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। ऑटो-रिक्शा और साइकल-रिक्शा सड़कों पर नजर आएं लेकिन बसें अब भी नदारद रहीं। शहर में पेट्रोल पंप भी खोल दिए गए हैं, जहां वाहनों की लंबी कतारें दिखीं। हालांकि, स्कूल और कार्यालय अब भी बंद हैं।

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हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए मेघालय के शिलांग में लगाए गए कर्फ्यू में स्थिति बेहतर होने के बाद शनिवार को सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक ढील दी गई। पूर्वी खासी हिल्स की जिला उपायुक्त एमडब्ल्यू नोंगबरी ने बताया कि राज्य की राजधानी में कई स्थानों पर कुछ दुकानें और कार्यालय खुले हैं। नोंगबरी ने कहा, कानून- व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने के बाद कर्फ्यू में ढील दी गई है।

उन्होंने बताया कि शहर में सुबह से यातायात सामान्य है और पिछले 12 घंटे में किसी भी अप्रिय घटना होने की कोई खबर नहीं है। राज्य सरकार ने क्षेत्र में ‘इनर लाइन परमिट’ लागू करने के मद्देनजर एक प्रस्ताव लाने के लिए विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया है।

नगालैंड के कई हिस्सों में शनिवार को स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद रहे और सड़कों से वाहन नदारद रहे। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन इलाकों से अबतक कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।

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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मुंबई में भी जमकर प्रदर्शन किया जा रहा है। बड़ी संख्‍या में प्रदर्शनकारी मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों में असम और नार्थ ईस्‍ट के काफी लोग शामिल थे। उन्‍होंने इस कानून को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री दीपन्निता शर्मा भी पहंची थी। मुंबई के अलावा पश्चिम उत्तर प्रदेश, केरल और बंगाल तक में सड़कों पर उतरकर लोगों ने इस नए कानून का विरोध किया है।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यूपी के अलीगढ़ में विरोध जारी है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ महापौर को प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली और शुक्रवार को पूरे जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।