प्रदूषण पर राष्ट्रपति कोविंद ने जताई चिंता, कहा- धुंध देखकर अंत का डर सताने लगा

दिल्ली के प्रदूषण पर मंगलवार को संसद में चर्चा हुई और सांसदों ने अपनी-अपनी राय दी। अब इस बीचराष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की है।

Published by Dharmendra kumar Published: November 19, 2019 | 10:17 pm
Modified: November 19, 2019 | 10:18 pm

नई दिल्ली: दिल्ली के प्रदूषण पर मंगलवार को संसद में चर्चा हुई और सांसदों ने अपनी-अपनी राय दी। अब इस बीचराष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि यह साल का एक ऐसा समय है, जब राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों की वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हम सब एक ऐसी चुनौती का सामना कर रहे हैं जो पहले कभी नहीं रही।

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रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित आईआईटी, एनआईटी और आईआईएसटी के निदेशकों के सम्मेलन में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कई वैज्ञानिकों और भविष्यवक्ताओं ने दुनिया का अंत होने (डूम्स डे) की बात कही है। हमारे शहरों में आजकल धुंध जैसी स्थितियों को देखकर यह डर सताने लगा है कि भविष्य के लिए कही यह बात कहीं अभी ही सच नहीं हो जाए।

बता दें कि लोकसभा में प्रदूषण को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि दिल्ली की आबोहवा इतनी ज्यादा प्रदूषित हो जाती है, इतना ज्यादा धुआं हो जाता है कि लोग जहरीली गैस की सांस लेते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 14 शहर भारत के हैं। तिवारी ने यह भी कहा कि ऐसा नहीं है हम इस समस्या से निपट नहीं सकते।

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टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार मास्क लगाकर संसद पहुंची। उन्होंने कहा कि दुनिया के ज्यादातर प्रदूषित शहर भारत के हैं। क्या जैसे स्वच्छ भारत मिशन है वैसे ही क्या हम स्वच्छ हवा मिशन लॉन्च कर सकते हैं? इसके साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या हमारा अधिकार नहीं है कि हमें सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा मिले।

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दिल्ली पूर्व सीट से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि वायु प्रदूषण से हर तीन मिनट में 1 बच्चे की मौत होती है। हमें शॉर्टकट के बजाय लॉग-टर्म समाधान पर सोचना चाहिए नहीं तो हमारे बच्चों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी।

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