गर्भवती नर्स बनी मिसाल: 250 किलोमीटर जा कर निभाई ड्यूटी, लोग कर रहे वाहवाही

तमिलनाडु में एक नर्स 8 महीने की प्रेग्नेंट होने के बावजूद मरीजों की मदद के लिए 250 किलोमीटर का सफर करके अस्पताल पहुंची। वो नर्स 8 महीने की प्रेग्नेंट थी, लेकिन फिर भी कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए इतनी दूर का सफर करके वह हॉस्पिटल आई।

गर्भवती नर्स बनी मिसाल: 250 किलोमीटर जा कर निभाई ड्यूटी, लोग कर रहे वाहवाही

गर्भवती नर्स बनी मिसाल: 250 किलोमीटर जा कर निभाई ड्यूटी, लोग कर रहे वाहवाही

नई दिल्ली: पूरा देश इस वक्त कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहा है। देश में लगातार कोरोना के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। अब तक देश में करीब 3 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 200 से ज्यादा लोग रिकवर भी हो चुके हैं।

अपनी जान जोखिम में डाल लोगों की मदद कर रहे स्वास्थ्यकर्मी

कोरोना वायरस की महामारी में इस वक्त स्वास्थ्य कर्मी एक हीरो की तरह बनकर उभरे हैं। डॉक्टर को हमेशा दूसरा भगवान कहा जाता रहा है और इस कठिनाई के समय में अपने निस्वार्थ सेवा से उन्होंने ये सच भी कर दिखाया है। सभी डॉक्‍टर्स, नर्सें, मेडिकल स्टाफ इस समय मिलकर इस महामारी का मुकाबला कर रहे हैं। सभी अपनी जान खतरे में डालकर दिन-रात लोगों की मदद कर रहे हैं।

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250 किलोमीटर का सफर कर अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला

एक ऐसा ही केस सामने आया है तमिलनाडु से, जहां पर एक नर्स 8 महीने की प्रेग्नेंट होने के बावजूद मरीजों की मदद के लिए 250 किलोमीटर का सफर करके अस्पताल पहुंची। वो नर्स 8 महीने की प्रेग्नेंट थी, लेकिन फिर भी कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए इतनी दूर का सफर करके वह हॉस्पिटल आई।

गर्भवती होने के बाद भी किया इतना लंबा सफर

इस 25 वर्षीय नर्स का नाम विनोथिनी बताया जा रहा है। गर्भवती होने के बाद भी नर्स ने कोरोना वायरस जैसे चुनौतीपूर्ण समय में मरीजों की मदद करने का निर्णय लिया। कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए विनोथिनी ने तमिलनाडु में तिरुचि से रामनाथपुरम तक का सफर किया, जो कि 250 किलोमीटर लंबा था।

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तिरुचि के प्राइवेट हॉस्पिटल में सेवारत थी नर्स

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विनोथिनी तिरुचि में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में सेवारत थी। वहीं 1 अप्रैल को विनोथिनी को रामनाथपुरम के स्वास्थ्य सेवा के संयुक्त निदेशक (जेडी) का कॉल आया। जिसके बाद नर्स ने मरीजों की मदद करने का निर्णय लिया। इसके बाद वह 250  किलोमीटर की यात्रा कर रामनाथपुरम के अस्पताल पहुंची।

ऐसे पहुंची तिरुचि से रामनाथपुरम

DYFI के जिला सचिव पी लेनिन, पर्यटन मंत्री वेल्लमंडी एन नटराजन और कलेक्टर एस शिवरासु की ओर से उन्हें एक पास दिया गया था। जिसके जरिए लॉकडाउन के बाद भी उन्हें बाहर जाने और सफर करने की अनुमति मिल गई। परमिशन मिलने के बाद गर्भवती नर्स अपने पति के साथ तिरुचि से रामनाथपुरम पहुंची।

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