कोरोना के नए लक्षण: हो जाएं सावधान, सतर्कता के साथ डाइट में बदलाव

कोरोना के नए स्ट्रेन पर काम कर रहे शोधकर्ताओं ने वायरस के जेनेटिक कोड में बदलावों की खोज की है। इसके 12 में से नौ परिवर्तनों को गंभीर माना जाता है।

Published by Shivani Awasthi Published: February 23, 2021 | 1:15 pm

नीलमणि लाल

लखनऊ। भारत में कोरोना रिकवरी दर 95.99 फीसदी हो गई है लेकिन वायरस के नए स्ट्रेन ने नई चिंता पैदा कर दी है। लोगों को नए स्ट्रेन के लक्षण जान लेने चाहिए क्योंकि ये पुराने कोरोना के लक्षण से थोडा अलग हैं। शुरुआती दौर में कोरोना के जो लक्षण थे उनमें बुखार आना, लगातार खांसी होना और स्वाद के साथ-साथ गंध खोने की शिकायत शामिल थे। लेकिन कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण इससे अलग हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि नए स्ट्रेन की उत्पत्ति कोरोना में म्यूटेशन की वजह से हुई है।

सात अहम लक्षण

– शरीर में दर्द

– गले में खराश

– कन्जक्टीवाइटिस या आंख आना

– सिरदर्द

– डायरिया

– स्किन पर रैशेज

– पैर की उंगलियों का रंग बिगड़ना

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कोरोना के नए स्ट्रेन पर काम कर रहे शोधकर्ताओं ने वायरस के जेनेटिक कोड में बदलावों की खोज की है। इसके 12 में से नौ परिवर्तनों को गंभीर माना जाता है। उन्होंने नए स्वरूप के आनुवंशिक कोड में छह बदलावों का उल्लेख किया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आनुवंशिक कोड में परिवर्तन मामूली हैं, लेकिन 12 अन्य जीनों का प्रभाव गंभीर हो सकता है। कोरोना की प्रकृति में पहला बदलाव सितंबर में ब्रिटेन के केंट में दर्ज किया गया था। कोरोना वायरस का दूसरा पैटर्न दक्षिण अफ्रीका में मिला था। इसके बाद दुनिया के कई देशों में कोरोना का यह स्ट्रेन मिल चुका है।

corona

बढ़ रहे केस

कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित लोगों की संख्या में रोजाना तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके चलते एक बार फिर से देश के कई जगहों पर नाईट कर्फ्यू लगा दिया गया है। राजधानी दिल्ली समेत कई अन्य जगहों पर कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से बचाव के लिए नियमों में भी तब्दीली की गई है।

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वहीं, रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र और स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई एडवायजरी जारी कर लोगों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। एम्स, दिल्ली के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि भारत में कोरोना का नया स्ट्रेन ज्यादा संक्रामक भी हो सकता है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के प्रति हर्ड इम्युनिटी बनना एक मिथक है, क्योंकि इसके लिए 80 फीसदी आबादी में कोरोना वायरस के प्रति एंटीबॉडी बनना चाहिए, जो हर्ड इम्युनिटी के तहत पूरी आबादी की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

डाइट में करें बदलाव

एक नवीनतम शोध से खुलासा हुआ है कि महज विटामिन-सी युक्त चीजों के सेवन से कोरोना वायरस को पूरी तरह शिकस्त नहीं दी जा सकती है। इसके लिए विशेषज्ञ कोरोना के नए स्ट्रेन का सामना करने के लिए अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करने की सलाह देते हैं।

एक नए शोध में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से बचाव के लिए ग्रीन टी पीने की सलाह दी गई है। इस ग्रीन टी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो कोरोना के नए स्ट्रेन का सामना करने में सक्षम है। ग्रीन टी में एक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में सहायक होता है।

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कई रिसर्च में बताया गया है कि डार्क चॉकलेट खाना भी लाभदायक होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंटस और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो वेट लॉस और दर्द आदि में फायदेमंद होते हैं। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं, जो कोरोना वायरस से बचाव में सहायक होते हैं।

ब्रोकली एस्ट्रोजन हार्मोन को मेंटेन रखता है। इसमें कैल्शियम भी पाया जाता है। इसके अतिरिक्त ब्रोकली में मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी, ई, फास्फोरस, जिंक और आयरन पाए जाते हैं, जो कोरोना से बचाव में सहायक होते हैं।

CORONA VACCINE

 

लहसुन का उपयोग भी लाभदायक है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल के गुण पाए जाते हैं। लहसुन में एलिसिन पाया जाता है जो कई बीमारियों में लाभदायक होता है। इसके लिए रोजाना खाली पेट लहसुन के दो जावे का सेवन करें। इसके बाद एक गिलास पानी पिएं।

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