पाकिस्तान में गधों का मेला, ऐसे खुलेआम बिक रहे एके-47 और रॉकेट लॉन्‍चर

पाकिस्तान के पास भारत के खिलाफ साजिशे रचे के अलावा कोई काम नही है लेकिन अब लग रहा मिल ही पाक को कुछ समय जिसको उसनें वहां पर मेला लगाने में इस्तेमाल कर लिया है। यह गधों का मेला कई कारणों से चर्चा में बना हुआ है।

गधों का मेला

गधों का मेला

नई दिल्ली : भारत के खिलाफ साजिश चलते हुए अब पाकिस्तान में अब गधों का मेला लगा हुआ है। जीं हां, वैसे तो अनु्च्छेद 370 के बाद से ही पाकिस्तान के पास भारत के खिलाफ साजिशे रचे के अलावा कोई काम नही है लेकिन अब लग रहा मिल ही पाक को कुछ समय जिसको उसनें वहां पर मेला लगाने में इस्तेमाल कर लिया है। यह गधों का मेला कई कारणों से चर्चा में बना हुआ है। और सबसे रोमांचक बात तो यह है कि इन गधों के नाम खतरनाक बमों और हिन्दू-मुस्लिम के कई फेमस नामों पर रखे गए हैं।

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असल में पाकिस्तान में गधों का ये मेला पाक के हैदराबाद शहर से 70 किमी दूर बादिन जिले में लगा है। यहां ये मेला हर साल लगता है। गधों के इस मेले में हिस्‍सा लेने के लिए कराची, बादिन सहित पाकिस्तान के कई जिलों से व्‍यापारी पहुंचे हैं। यहां वे गधों को बेच रहे हैं और खरीद रहे हैं।

गधों का मेला

चलिए जानते हैं गधों के नाम

तो बता दें कि इस मेले में बिक रहे गधों के नाम एके-47, रॉकेट लॉन्‍चर, परमाणु बम रखे गए हैं। इसके अलावा कुछ गधों के नाम तो माधुरी, शीला, दिल पसंद रखे गए हैं। इन गधों के नाम मेले में पहुंच रहे लोगों को आकर्षित भी कर रहे हैं। बता दें कि ये सब गधे लासी, लारी, ईरानी और थारी प्रजाति के बताए जा रहे हैं।

मेले में इन गधों के रंग भी अलग-अलग हैं। कुछ सफेद, कुछ ग्रे और कुछ भूरे और काले रंग के गधे हैं। इसके अलावा मादा गधा भी बिक रही हैं। जीं हां फीमेल गधी। यह मेला पिछले करीब 70 सालों से लगता आ रहा है।

गधों का मेला

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पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेलें में बिक रहे इन गधों की कीमत 20,000 रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक हैं। हालांकि, गधों की कीमत अधिक होने के कारण इस बार खरीदार कम आ रहे हैं। पाकिस्‍तान के खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत में गधों के प्रजनन के लिए चीन निवेश करेगा। यहां पाकिस्‍तान में गधा विकास केंद्र बनाया जाएगा।

बता दें कि पाकिस्तान में गधे काफी ज्यादा मात्रा में है। पाकिस्तान के अधिकांश गधों का निर्यात चीन में होता है, गधों से चीन में परंपरागत दवाइयां तैयार की जाती हैं। गधे के चमड़े से इम्यून सिस्टम व रक्त वर्द्धक दवाएं बनाई जाती हैं।

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