गृहमंत्री की लोकसभा में ललकार! कश्मीर के हालात सामान्य, लेकिन कांग्रेस के नहीं

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि जिन राजनीतिक नेताओं को प्रतिबंधित आदेश के तहत जेल में रखा गया है, सरकार की उनमें से किसी को एक दिन भी ज्यादा जेल में रखने की कोई इच्छा नहीं है।

नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस को नसीहत देते हुए नजर आये। उन्होंने कांग्रेस को राजनीतिक नेताओं से ज्यादा आम आदमी की चिंता करने को कहा।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नेताओं को हिरासत से छोड़ने का निर्णय स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के पूरक प्रश्न के उत्तर में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ने का निर्णय स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा तथा वहां के मामले में केंद्र सरकार दखल नहीं देगी।

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अमित शाह ने कहा…

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि जिन राजनीतिक नेताओं को प्रतिबंधित आदेश के तहत जेल में रखा गया है, सरकार की उनमें से किसी को एक दिन भी ज्यादा जेल में रखने की कोई इच्छा नहीं है।

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अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा कि फारूख अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला को 11 साल तक जेल में रखा गया और यह कांग्रेस और इंदिरा गांधी के समय में हुआ।

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साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा उनके नक्शे कदम पर चलने का कोई इरादा नहीं है, और जब भी स्थानीय प्रशासन तय करेगी, उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।

हम फोन पर प्रशासन को निर्देश नहीं देते…

अमित शाह ने कहा कि हम फोन पर प्रशासन को निर्देश नहीं देते। यह आप (विपक्ष की पूर्व सरकार) कर सकते हैं, हम नहीं। कश्मीर घाटी में सामान्य स्थिति को लेकर विपक्ष के सवालों पर उन्होंने कहा कि सभी थाना क्षेत्र से कर्फ्यू हटाया लिया गया, धारा 144 हटा ली गई लेकिन यह इनको (विपक्ष) सामान्य स्थिति नहीं लगती है।

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उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के बाद पुलिस गोलीबारी में एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई, यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन यह उन्हें (कांग्रेस को) सामान्य नहीं लगता है।

कांग्रेस पर प्रहार करते हुए शाह ने कहा कि इनकी चिंता यह है कि राजनीतिक गतिविधि कब शुरू होगी। इनके लिए सामान्य स्थिति यही है। इनको राजनीतिक गतिविधि शुरू होने की चिंता है।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस घाटी के नेताओं की चिंता कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके बजाय यदि ज्यादा चिंता घाटी के लोगों की करते तो लगता कि कांग्रेस पार्टी को वहां के लोगों की चिंता है।

कश्मीर के हालात सामान्य…

अमित शाह ने कश्मीर के हालात सामान्य होने का दावा करते हुए कहा, ‘99.5 पर्सेंट छात्रों ने परीक्षा दी लेकिन अधीर रंजन जी के लिए यह सामान्य नहीं है।

साथ ही साथ उन्होंने कहा कि श्रीनगर में सात लाख लोगों को ओपीडी की सेवाएं मिलीं। सभी इलाकों से कर्फ्यू और धारा 144 हटा ली गई लेकिन अधीर जी के लिए सामान्य का एकमात्र पैमाना राजनीतिक गतिविधि है। जो स्थानीय निकाय चुनाव कराए गए वह क्या था?