Top

सावधान सोशल मीडिया पर: फेसबुक-ट्विटर हो या नेटफ्लिक्स-अमेजन, बने सख्त नियम

सोशल मीडिया को दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहला इंटरमीडरी और दूसरा सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडरी पर अतिरिक्त कर्तव्य है। सरकार जल्द इसके लिए यूजर संख्या का नोटिफिकेशन जारी करेगी।

SK Gautam

SK GautamBy SK Gautam

Published on 25 Feb 2021 11:01 AM GMT

सावधान सोशल मीडिया पर: फेसबुक-ट्विटर हो या नेटफ्लिक्स-अमेजन, बने सख्त नियम
X
सावधान सोशल मीडिया पर: फेसबुक-ट्विटर हो या नेटफ्लिक्स-अमेजन, बने सख्त नियम
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

नई दिल्ली: सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों के भारत सरकार की ओर से नई गाईडलाईन जारी किया गया है बीच चल रहे विवाद को लेकर भारत सरकार ने गुरुवार को सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए गाइडलाइन्स जारी की। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर इनकी जानकारी दी। बता दें कि भारत में सोशल मीडिया पर की जानें वाली भद्दी और अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर भारत सरकार और फेसबुक ओर से ट्विटर जैसे

भारत में व्यापार करने के लिए स्वागत है- रविशंकर प्रसाद

भारत सरकार ने गुरुवार को सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए गाइडलाइन्स जारी की। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इनके बारे में जानकारी दी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भारत में व्यापार करने के लिए स्वागत है, सरकार आलोचना के लिए तैयार है।

social media new guide line-3

शिकायत के लिए फोरम मिलना चाहिए

लेकिन सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर भी शिकायत का भी फोरम मिलना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत में व्हाट्सएप के 53 करोड़, फेसबुक के यूजर 40 करोड़ से अधिक, ट्विटर पर एक करोड़ से अधिक यूजर हैं। भारत में इनका उपयोग काफी होता है, लेकिन जो चिंताएं जाहिर की जाती हैं उनपर काम करना जरूरी है।

ये भी देखें: भारत के शक्तिशाली टैंक: खौफ में आए पाकिस्तान के इमरान, अब कर रहे ये तैयारी

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डाले जाने वाले कंटेंट को लेकर गाइडलाइन्स

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डाले जाने वाले कंटेंट को लेकर गाइडलाइन्स बनाने के लिए कहा था। निर्देश के आधार पर भारत सरकार ने इसको लेकर गाइडलाइन्स तैयार की हैं। रविशंकर प्रसाद ने ऐलान किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अफसरों की तैनाती करनी होगी, किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को 24 घंटे में हटाना होगा।

अफवाह फैलाने वाला पहला व्यक्ति कौन है

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारत में अपने नोडल ऑफिसर, रेसिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर की तैनाती करनी होगी। इसके अलावा हर महीने कितनी शिकायतों पर एक्शन हुआ, इसकी जानकारी देनी होगी। केंद्रीय मंत्री बोले कि अफवाह फैलाने वाला पहला व्यक्ति कौन है, उसकी जानकारी देनी जरूरी है। क्योंकि उसके बाद ही लगातार वो सोशल मीडिया पर फैलता रहता है। इसमें भारत की संप्रभुता, सुरक्षा, विदेशी संबंध, रेप जैसे अहम मसलों को शामिल किया जाएगा।

ये भी देखें: अब लागू होगी इमरजेंसी: मौसम में अप्रत्याशित बदलाव, हो जाएं सतर्क

social media new guide line-4

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को नियमों का पालन करना होगा

डिजिटल मीडिया के लिए गाइडलाइन्स जारी करते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को नियमों का पालन करना होता है, लेकिन OTT और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नियम नहीं हैं। हमने ओटीटी प्लेटफॉर्म को सेल्फ रेगुलेशन की बात कही थी, लेकिन वो नहीं हो पाया था।

डिजिटल मीडिया को अपने काम की जानकारी देनी होगी

प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म/डिजिटल मीडिया को अपने काम की जानकारी देनी होगी, वो कैसे अपना कंटेंट तैयार करते हैं। इसके बाद सभी को सेल्फ रेगुलेशन को लागू करना होगा, इसके लिए एक बॉडी बनाई जाएगी जिसे सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज या कोई अन्य व्यक्ति हेड करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तरह ही डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी गलती पर माफी प्रसारित करनी होगी।

ये भी देखें: महंगी शराब और बिजली: सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब बढ़ेंगी मुश्किलें

देश में डिजिटल न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म कितने

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार को पता ही नहीं है कि देश में डिजिटल न्यूज मीडिया प्लेटफॉर्म कितने हैं, ऐसे में सरकार किससे बात करेगी। इसलिए ही सरकार प्लेटफॉर्म की बेसिक जानकारी मांग रही है।

सोशल मीडिया का हो रहा गलत इस्तेमाल

रविशंकर प्रसाद ने कहा, शिकायतें आ रही हैं कि सोशल मीडिया क्रिमिनल, आतंकवादी, हिंसा फैलाने वालों को प्रमोट करने का प्लेटफॉर्म बन गया है। भारत में सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और फेक न्यूज की शिकायतें आई हैं। ये चिंताजनक बात थी। इसलिए हमारी सरकार ने ऐसे प्लेटफार्म्स के लिए गाइडलाइन तैयार करने का फैसला लिया।

दो श्रेणियों में बांटा गया सोशल मीडिया

सोशल मीडिया को दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहला इंटरमीडरी और दूसरा सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडरी पर अतिरिक्त कर्तव्य है। सरकार जल्द इसके लिए यूजर संख्या का नोटिफिकेशन जारी करेगी।

ये भी देखें: महिलाओ में जमकर मारपीट: रायबरेली की तस्वीरें हुई वायरल, जमीनी विवाद बना वजह

social media new guide line

सोशल मीडिया के लिए बने ये नियम

-कंपनियों को यूजर्स की शिकायतों के लिए एक अधिकारी रखना होगा। इसका नाम सार्वजनिक करना होगा। ये अफसर शिकायत मिलने के 15 दिन बात इन्हें सुलझाएंगे।

-यूजर के सम्मान खासतौर पर महिलाओं के सिलसिले में, अगर किसी की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करता है तो आपको शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कंटेंट हटाना होगा।

-हर महीने एक रिपोर्ट जारी करनी होगी कि कितनी शिकायतें आईं और उन पर क्या कार्रवाई की गई।

-अफवाह या गलत कंटेंट फैलाने वाले की जानकारी पता करनी होगी।

-भारत के बाहर से कंटेंट आने पर यह बताना होगा कि पहली बार यह कंटेंट किसने पोस्ट किया।

-सोशल मीडिया यूजर के कंटेंट को हटाने से पहले वजह बतानी होगी।

-कोर्ट के आदेश और सरकार द्वारा पूछा जाने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शरारती कंटेट का ओरिजनेटर बताना होगा।

-ये व्यवस्था केवल भारत की अखंडता, एकता और सुरक्षा, इसके अलावा सामाजिक व्यस्था, दूसरे देशों से रिश्तों, रेप, यौन शोषण जैसे मामलों में लागू होगी।

-सिग्निफिकेंट सोशल ​मीडिया के कानून को हम तीन महीने में लागू करेंगे।

-सोशल मीडिया पर यूजर के रजिस्ट्रेशन के लिए वॉलेंटरी वेरिफिकेशन मैकेनिज्म बनाना होगा

दोस्तों देश दुनिया की और को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

SK Gautam

SK Gautam

Next Story