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चीन से टेंशन: भारत की हर मोर्चे पर जवाब देने की तैयारी, इस सीमा पर भेजे गए सैनिक

लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। चीन की हर साजिश को फेल करने के लिए भारतीय सेना सतर्क है। भारत ने अब अपनी पूर्वी सीमा पर सुरक्षा बलों की संख्या तेजी से बढ़ानी शुरू कर दी है।

Newstrack
Updated on: 2 Sep 2020 2:53 PM GMT
चीन से टेंशन: भारत की हर मोर्चे पर जवाब देने की तैयारी, इस सीमा पर भेजे गए सैनिक
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चीन की हर साजिश को फेल करने के लिए भारतीय सेना सतर्क है। भारत ने अब अपनी पूर्वी सीमा पर सुरक्षा बलों की संख्या तेजी से बढ़ानी शुरू कर दी है।
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गुवाहाटी: लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। चीन की हर साजिश को फेल करने के लिए भारतीय सेना सतर्क है। भारत ने अब अपनी पूर्वी सीमा पर सुरक्षा बलों की संख्या तेजी से बढ़ानी शुरू कर दी है।

लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई थी। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे, तो वहीं चीन के भी करीब 40 सैनिक मारे गए थे। इसके बाद से दोनों के बीच तनाव जारी है। भारत ने सीमाओं की रक्षा के लिए कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। इसके साथ ही चीन को साफ शब्दों में संदेश दे दिया है।

भारत ने इसलिए लिया फैसला

भारत ने अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ा रहा है। जानकारों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से स्पष्ट है कि चीन के साथ सीमा विवाद अभी लंबे समय तक खिंच सकता है।

Indian Army

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एक मीडिया रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि भारत ने सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाई है, हालांकि चीन की तरफ से सीमा पर घुसपैठ जैसी कोशिश की खबर नहीं है। अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद से ही भारत एहतियात तौर पर सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाने लगा था।

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1962 की जंग में अरुणाचल प्रदेश था मुख्य केंद्र

बता दें कि 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था। उस समय जंग का केंद्र अरुणाचल प्रदेश ही था। विशेषज्ञों ने फिर चेताते हुए कहा कि राज्य की सीमा पर चीन अतिक्रमण के प्रयास कर सकता है। हालांकि सैनिकों की संख्या बढ़ाने पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ऐसा रेगुलर एक्सरसाइज के तहत हो रहा है।

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विदेश मंत्रालय ने चीन को दिया करारा जवाब

इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि सीमा विवाद पर शांति बनाए रखने के लिए दृढ़ है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा गया कि 29/30 अगस्त की रात को लद्दाख के पैंगोंग लेक इलाके में चीनी सेना ने उकसाने वाले प्रयास किए गए जिसका भारतीय सैनिकों ने जवाब दिया। भारत ने कहा कि चीन सीमा समझौतों का उल्लंघन कर रहा है।

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