भारत का चीन को एक और बड़ा झटका, अब ड्रैगन से नहीं होगी कोई सरकारी खरीद

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सैन्य विवाद के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर चीन और पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है।

Published by Ashiki Patel Published: July 24, 2020 | 10:01 am
Modified: July 24, 2020 | 10:02 am

अंशुमान तिवारी

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सैन्य विवाद के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर चीन और पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। वित्त मंत्रालय ने नियमों में बदलाव करते हुए सरकारी कंपनियों में चीन और पाकिस्तान की वस्तुओं, सेवाओं और ठेके पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने भारत से जमीनी सीमा साझा करने वाले अन्य देशों पर भी सरकारी खरीद में बोली लगाने पर रोक लगा दी है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकारों को भी यह फैसला लागू करने का आदेश दिया गया है।

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वित्त मंत्रालय ने जारी किया आदेश

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। बयान के मुताबिक सरकार ने सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) 2017 में संशोधन किया है। वित्त मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि सरकारी बैंकों व वित्तीय संस्थानों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और सरकार से मदद प्राप्त सार्वजनिक निजी भागीदारी की परियोजनाओं पर यह आदेश लागू होगा। इस आदेश के बाद चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और म्यांमार की कंपनियां भारत के किसी भी सरकारी टेंडर में शामिल नहीं हो सकेंगी।

चीन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

सूत्रों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा असर चीन पर ही पड़ेगा क्योंकि वहां की बड़ी कंपनियां देश की विभिन्न परियोजनाओं में टेंडर डालती रही हैं। वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले व्यय विभाग की ओर से दो आदेश जारी किए गए हैं। पहले आदेश में उन देशों के लिए नियम जारी किए गए हैं जिनकी सीमाएं भारत से जुड़ी हुई हैं और जिनके उत्पाद और सेवाओं पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। जबकि दूसरे आदेश में नेपाल और भूटान जैसे पड़ोसी देशों का जिक्र किया गया है जिन्हें भारत सरकार की ओर से विशेष रियायत मिली हुई है।

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राज्य सरकारों को भी कदम उठाने का निर्देश

केंद्र सरकार की ओर से इस बाबत राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा गया है। उन्हें नए नियमों के अनुसार कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। वित्त मंत्रालय के बयान के मुताबिक राज्य सरकारों को भी ऐसा ही कदम उठाने का आदेश दिया गया है। राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा गया है कि वे आदेश के क्रियान्वयन की दिशा में कदम उठाएं।

स्वास्थ्य उपकरणों पर छूट

कोरोना के संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में थोड़ी ढील दी गई है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद में छूट दी गई है। सीमित मामलों में इस सुविधा का लाभ अभी 31 दिसंबर तक मिलेगा। सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन देशों को भारत विकास कार्यों के लिए सहायता या ऋण उपलब्ध करा रहा है, उन्हें पहले से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

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सभी निविदाओं पर लागू होगा आदेश

वित्त मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि यह आदेश सभी निविदाओं पर पूर्ण रुप से लागू होगा। आदेश के मुताबिक जिन मामलों में निविदाएं मांगी जा चुकी हैं मगर पहले चरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो गैर पंजीकृत कंपनियों को इसमें शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। अगर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो निविदाओं को रद्द करके पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह प्रावधान निजी क्षेत्र की ओर से की जा रही खरीद पर लागू नहीं होगा।

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