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जम्मू-कश्मीर: ‘टेंशन’ के बीच बाहरी स्टूडेंट्स को मिले घाटी छोड़ने के निर्देश

परिसीमन के बाद कश्मीर की सीटें कम हो सकती हैं। इस लिहाज से मुस्लिम ताकत कम हो जाएगी क्योंकि कश्मीर घाटी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। ऐसे में बीजेपी अपने हिंदुत्व वाले एजेंडे में कामयाब हो जाएगी। दरअसल, जम्मू हिंदू तो लद्दाख बौद्ध बाहुल्य क्षेत्र हैं।

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 4 Aug 2019 4:00 AM GMT

जम्मू-कश्मीर: ‘टेंशन’ के बीच बाहरी स्टूडेंट्स को मिले घाटी छोड़ने के निर्देश
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जम्मू-कश्मीर: ‘टेंशन’ के बीच बाहरी स्टूडेंट्स को मिले घाटी छोड़ने के निर्देश
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श्रीनगर: अमरनाथ यात्रा को बीच में रोकने की वजह से जम्मू-कश्मीर में निवासियों के साथ-साथ यहां आए पर्यटक भी काफी डरे-सहमे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि पर्यटक जल्द से जल्द कश्मीर छोड़ दें। प्रशसन के इस आदेश के बाद से राज्य में भय, आशंका और आतंक का माहौल बन गया है।

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इसके अलावा अब प्रशासन ने पाकिस्तान की ओर से खतरे की आशंका को देखते हुए बाहरी छात्रों, पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को जल्द से जल्द घाटी से जाने को कह दिया है। यही नहीं, वायुसेना के विमान की मदद से सैलानियों को बाहर निकाला जा रहा है। ऐसी स्थिति की वजह से स्थानीय लोगों के साथ सैलानियों में भी टेंशन देखने को मिल रही है।

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राज्य में 10 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती हो चुकी है। साथ ही, प्रशासन ने घाटी छोड़ने के निर्देश भी बाहरी छात्रों को दे दिये हैं। गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल ने छात्रों को हॉस्टल खाली करने को कह दिया है। वहीं, कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र की बीजेपी सरकार प्रदेश से आर्टिकल 35 ए हटाने को लेकर कभी भी बड़ा फैसला ले सकती है।

राज्य में हाइ अलर्ट जारी

सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में मौजूद भारतीय सेना को ‘रेडी’ मोड में रहने को पहले से ही बोल दिया गया है। बताया जा रहा है कि, यहां सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। किसी तरह का कोई बड़ा हादसा न हो, इसके लिए सेना लगातार एयरफोर्स स्टेशनों और सिविल एयरपोर्ट पर ड्रोन्स से नजर रखे हुए है।

सामने आ रही परिसीमन की खबर

इन सबके बीच एक पार्टी ऐसी है, जो अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का परिसीमन करना चाहती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी ने प्लान तैयार कर लिया है। अगर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का परिसीमन हो जाता है तो कश्मीर घाटी की सीटें अपने आप कम हो जाएंगी। देखने वाली बात तो ये है कि घाटी सबसे कम क्षेत्रफल के साथ अपने दामन में सबसे ज्यादा विधानसभा सीटें संजोए हुई है।

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परिसीमन के बाद कश्मीर की सीटें कम हो सकती हैं। इस लिहाज से मुस्लिम ताकत कम हो जाएगी क्योंकि कश्मीर घाटी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। ऐसे में बीजेपी अपने हिंदुत्व वाले एजेंडे में कामयाब हो जाएगी। दरअसल, जम्मू हिंदू तो लद्दाख बौद्ध बाहुल्य क्षेत्र हैं। इस तरह बीजेपी की राह आसान हो सकती है।

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