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फाइनल हुई JIO-FACEBOOK डील, 'प्रोजेक्ट रेडवुड' के साक्षी बने आकाश औऱ ईशा

मशहूर अमेरिकी कंपनी फेसबुक ने बीते बुधवार को मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड कंपनी में 43,574 करोड़ रुपये निवेश किये है।

Vidushi Mishra
Published on: 25 April 2020 6:04 AM GMT
फाइनल हुई JIO-FACEBOOK डील, प्रोजेक्ट रेडवुड के साक्षी बने आकाश औऱ ईशा
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फाइनल हुई JIO- FACEBOOK डील, 'प्रोजेक्ट रेडवुड' के साक्षी बने आकाश औऱ ईशा
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नई दिल्ली: मशहूर अमेरिकी कंपनी फेसबुक ने बीते बुधवार को मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड कंपनी में 43,574 करोड़ रुपये निवेश किये है। इस समझौते के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में मुकेश अंबानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए है। जीं हां उन्होंने अलीबाबा के जैक मा को पीछे छोड़ दिया।

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बेटे आकाश और बेटी ईशा अंबानी आगे आए

इसी सिलसिले में चलिए आपको एक खास बात बताते हैं। रिलायंस और फेसबुक के बीच समझौते के लिए मुकेश अंबानी ने 14 महीने पहले फेसबुक के सह-स्थापक मार्क जकरबर्ग से बातचीत शुरू की थी। लेकिन पिता की इस समझौते को अंजाम तक पहुंचाने के लिए बेटे आकाश और बेटी ईशा अंबानी आगे आए। जीं हां इस समझौते के लिए बेटा आकाश और बेटी ईशा दोनों ने कई बार फेसबुक मुख्यालय गए हैं।

‘प्रोजेक्ट रेडवुड’

इस समझौते को आकाश और ईशा अंबानी ने पूरी करने के लिए रिलायंस की 30 सदस्यों की कोर टीम बनाई। इसके साथ में इस मिशन को गुप्त रखा गया। इस गुप्त मिशन को 14 महीने में पूरा करने के लिए ‘प्रोजेक्ट रेडवुड’ नाम दिया गया।

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लॉकडाउन के चलते 22 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग से कंपनी के कोर टीम के दिग्गज मनोज मोदी, पंकज पवार और अंशुमन ठाकुर ने घंटों तक बिना सोए समझौते को साइन करवा लिया। मुकेश अंबानी और मार्क जकरबर्ग के बीच बातचीत में उस समय तेजी आई जब फेसबुक ने अजीत मोहन को कंपनी का भारत प्रमुख बनाया।

इस समझौते को साइन करने में अंशुमन ठाकुर ने भी बड़ी भूमिका निभाई। 22 अप्रैल को वे सुबह 4 बजे से ही अजीत के साथ फोन पर लग गए थे। समझौते से पहले वह कागजों से जुड़े काम कर रहे थे।

इसके बाद अजीत मोहन के साथ मीडिया कॉल जब अंशुमन ने जब पूरी बात कर ली तब यह माना गया कि समझौता पूरा हो गया है। अंशुमन कहते हैं कि लॉकडाउन के कारण बातचीत का सिलसिला अटकता नहीं, तो हम यह समझौता 31 मार्च को ही घोषित कर देते।

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Vidushi Mishra

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