प्रदर्शनकारी छात्रों से बोलीं जामिया VC- ‘जो आप चाहते हैं वो हम नहीं कर सकते’

जेएनयू हिंसा को लेकर सोमवार को जामिया कैंपस में छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों ने वीसी के कार्यालय को फेर लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है।

Published by Shivani Awasthi Published: January 13, 2020 | 1:23 pm
Modified: January 13, 2020 | 3:31 pm

JNU Violence

दिल्ली: जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (JNU) में हुई हिंसा को लेकर सोमवार को जामिया (Jamia Campus) के छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया है। जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों ने वीसी के कार्यालय को फेर लिया और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है। हजारों की संख्या में छात्र वीसी कार्यालय के बाहर खड़े हैं। छात्र पुलिस कार्रवाई और छात्रों की पिटाई को लेकर नाराज है और वीसी से बात करना चाहते हैं। ऐसे में उन्होंने वीसी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।

Live Update:

जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों ने वीसी ऑफिस घेराव किया हुई। यूनिवर्सिटी का कैंपस वीसी मुर्दाबाद के नारों से गूँज रहा है। छात्रों ने जेएनयू हिंसा पर हल्ला बोल दिया है।

‘आर हो या पार हो, आज एफआईआर हो’ के नारे से कैम्पस गूंज रहा है।

वहीं मौके पर भारी फोर्स तैनात है।

वहीं थोड़ी देर में वीसी छात्रों से मुलाकात कर सकते हैं। जामिया के प्रोक्टर और अन्य कुछ सुरक्षाकर्मी नजमा अख्तर के आवास पर पहुंचे हैं, जहां से वे कैंपस में जाएंगे।

जामिया वीसी का बयान:

जामिया की वाइस चांसलर नजमा अख्तर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंच गई हैं।

छात्रों से उन्होंने कहा कि उनकी ओर से FIR दर्ज की जा चुकी है लेकिन पुलिस की तरफ से उनकी FIR को रिसीव नहीं किया जा रहा है।

जो आप चाहते हैं हम वो नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हम सरकारी अफसर हैं।

उन्होंने कहा कि अब हम दिल्ली पुलिस के खिलाफ कोर्ट जायेंगे।

सिर्फ FIR भर से सुरक्षा नहीं मिल जायेगी।

जामिया में सुरक्षा व्यवस्था को दोगुनी की।

दिल्ली पुलिस बैगर पूछे हमारे कैम्पस में आई।

जामिया के एक छात्र ने उनसे पूछा कि CAA, NRC पर उनका क्या स्टैंड है, इस पर नजमा अख्तर ने जवाब दिया कि छात्र सिर्फ यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए सवाल ही पूछें।

वहीं परीक्षा की नई तारीखों पर जानकारी देते हुए कहा कि डीन संग करेंगे नई तारीखों को तय

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क्यों कर रहे छात्र प्रदर्शन:

दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में सोमवार को छात्रों ने वीसी दफ्तर का घेराव किया। छात्रों की ओर से पुलिस एक्शन, हिंसा को लेकर विरोध जताया जा रहा है। छात्रों की मांग है कि वीसी उनके साथ बात करें और उनकी मांग मानी जाए। दिल्ली पुलिस के द्वारा जिस तरह से छात्रों को मारा गया, उसपर एक्शन होना चाहिए। यूनिवर्सिटी के कुछ शिक्षकों की ओर से छात्रों को समझाया जा रहा है लेकिन छात्र वीसी के बाहर आने पर अड़े हुए हैं।

आज जेएनयू हिंसा के आरोपियों से पुलिस की पूछताछ:

गौरतलब है कि आज जेएनयू हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की एसआईटी टीम आइशी घोष, पंकज मिश्रा समेत अन्य छात्रों से पूछताछ करने वाली है। पुलिस ने पूछताछ के लिए 9 आरोपियों को नोटिस देकर तलब किया था।

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क्या है मामला:

दरअसल, दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी परिसर में 5 जनवरी की शाम कुछ नकाबपोशों ने छात्रों पर हमला कर दिया था, जिसमें कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए थे। इस घटना से JNU परिसर में अफरातफरी मच गयी थी। वहीं हिंसा के बाद इसके खिलाफ देश के कई हिस्‍सों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। देश के अन्‍य शैक्षिक संस्‍थानों के छात्र भी इसमें शामिल हुए।

 

वहीं राजनीतिक दलों के हस्‍तक्षेप के बाद इस विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। पहले हिंदू दल के छात्रों ने इसकी जिम्मेदारी ली थी, वहीं एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाया था। हालाँकि बाद में पुलिस ने जांच के दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं की फोटो जारी कर हिंसा में शामिल होने का दावा किया है।

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