भारत का यह गांव: यहां हर घर में हैं सैनिक, कई पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा

ये भारतीय सैनिकों का गांव है। यहां अगर आप ढूंढने निकलेंगे तो हर घर में कम से कम एक फौजी तो जरूर मिलेगा, कुछ अनोखी है इस गांव की…

नई दिल्ली: ये भारतीय सैनिकों का गांव है। यहां अगर आप ढूंढने निकलेंगे तो हर घर में कम से कम एक फौजी तो जरूर मिलेगा, कुछ अनोखी है इस गांव की कहानी। दरअसल हम बात कर रहे हैं लद्दाख की। लद्दाख में 63 घरों वाला एक छोटा सा गांव है, जहां के ज्यादातर लोग भारतीय सेना से जुड़े हुए हैं। इस गांव के हर घर से लोग जिनकी उम्र कम है, वे सभी भारतीय सेना का हिस्सा हैं। साथ ही इनकी पोस्टिंग लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के समीपवर्ती इलाकों में हुई है।

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लद्दाख का छूटा सा गांव चुशोत सालों से सेना को सेवाएं देता आ रहा है। इस गांव के लोग लद्दाख स्काउट, इन्फ्रेंट्री रेजीमेंट का हिस्सा भी हैं। इस गांव में ज्यादातर महिलाएं ही ज्यादा दिखती हैं।

यहां नहीं है कोई बेहतर स्कूल

यहां के ग्रामीणों की यही चिंता है कि यहां कोई अच्छा स्कूल नहीं है। सही शिक्षा न मिलने से यहां लोग पीछे ही रह जा रहे हैं। यहां महिला हो या पुरुष दोनों की चिंताएं शिक्षा को लेकर एक ही है।

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हाई स्कलू से ज्यादा नहीं पढ़ती हैं लड़कियां

यहां की 27 वर्षीय रुकैया बानो कहती हैं कि वह ग्रेजुएशन करने तो गई थीं, लेकिन उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। वह फिलाहल नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन में काम करती हैं। सरकार द्वारा चलाये जा रहे इस मिशन के जरिए महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है।

यहां ज्यादातर लड़कियां हाई स्कूल से ज्यादा नहीं पढ़ती हैं। और लड़के 12वीं तक ही पढ़ पाते हैं। जिसके बाद वे भारतीय सेना में शामिल होते हैं। साथ ही सेना में शामिल होने वाले यहां के लोगों को अगर अच्छी शिक्षा मिलती तो ये सेना में अधिकारी के तौर पर भी उभरते हैं।

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