राम जन्म भूमि! ट्रस्ट निर्माण को लेकर साधु-संतों ने कही ये बात

श्री राम जन्म भूमि क्षेत्र पर पुलिस का शिकंजा अभी भी कसा हुआ है। हालांकि पूरे जनपद में कहीं भी तनाव नहीं है। स्थिति सामान्य बनी हुई है। जिले के सभी स्कूल कॉलेज डिग्री कॉलेज खुल गए हैं। छात्र-छात्राओं का आवागमन जारी है।

Published by Harsh Pandey Published: November 14, 2019 | 6:08 pm
Modified: November 14, 2019 | 6:15 pm

अयोध्या: श्री राम जन्म भूमि विवादित प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट से निर्णय आने की बाद अभी अयोध्या पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।

श्री राम जन्म भूमि क्षेत्र पर पुलिस का शिकंजा अभी भी कसा हुआ है। हालांकि पूरे जनपद में कहीं भी तनाव नहीं है। स्थिति सामान्य बनी हुई है। जिले के सभी स्कूल कॉलेज डिग्री कॉलेज खुल गए हैं। छात्र-छात्राओं का आवागमन जारी है। अयोध्या के रामकोट मोहल्ले में पुलिस पूरी तरह से सक्रिय है। हर आने जाने वाले पर निगाह रखी जा रही है। श्री राम चिकित्सालय के लिए टेंपो टैक्सी वाहनों का आवागमन जारी है।

पुलिस फोर्स् की तैनात…

अयोध्या में दुकानें खुल रही हैं परन्तु बाहरी श्रद्धालु कम आ रहे हैं, इस कारण सड़कों पर भीड़ नहीं दिखाई पड़ रही है। अयोध्या के बाहर पूरे जिले में दिनचर्या सामान्य है। पुलिस फोर्स् की तैनाती होने के बावजूद चेकिंग आदि में किसी को परेशान नहीं किया जा रहा है। प्रशासन ने सारे प्रतिबंध हटा लिए हैं। धारा 144 अभी बरकरार है। जिला मुख्यालय पर बैंक कोर्ट कचहरी में सामान्य रुप से काम काज हो रहा है।

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अयोध्या के मणि रामदास छावनी के महंत व श्री राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने न्यायालय के निर्णय पर कहा कि श्री राम जन्म भूमि का ट्रस्ट पहले बन चुका है जिसमें संख्या बढ़ाकर न्यायालय के आदेश का पालन किया जाए। प्रधानमंत्री को अयोध्या आना है तो वह हजार बार आ सकते हैं अयोध्या किसी को बुलाने नहीं जाएगी।

निर्मोही अखाड़ा के महंत ने कहा…

निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेद्र दास का कहना है कि अखाड़ा खुद में ट्रस्ट है। संभावित ट्रस्ट में अखाड़ा शामिल होगा कि नहीं इसका निर्णय अखाड़ा के प्रतिनिधियों की बैठक में शीघ्र लिया जाएगा।

राम जन्म भूमि ट्रस्ट के सदस्य दिवंगत संत रामचंद्र परमहंस दास के उत्तराधिकारी दिगंबर अखाड़ा के संत सुरेश दास का कहना है कि संत समाज के निर्देशन में राम मंदिर का निर्माण सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर ट्रस्ट बनाकर किया जाना चाहिए।

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हनुमानगढ़ी के संत ने कहा…

अयोध्या हनुमानगढ़ी के संत ज्ञान दास का कहना है राम मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट पर किसी तरीके का दबाव नहीं बनाना चाहिए जिसे सरकार स्वतंत्र होकर ट्रस्ट का निर्माण कर सके।

राम जन्म भूमि के पुजारी ने कहा…

राम जन्म भूमि के पुजारी आचार्य सतेंद्र दास का कहना है संभावित ट्रस्ट में विवादित लोगों को शामिल ना किया जाए बिना भेदभाव के जैसा फैसला सुनाया, उसी तरह सुंदर सा ट्रस्ट बनना चाहिए।

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राम जन्म भूमि ट्रस्ट के सदस्य ने कहा…

श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट के सदस्य रामविलास वेदांत ती का कहना मस्जिद का नाम बाबर के नाम पर नहीं होगा जिले में कहीं पर निर्माण कराया जाए और कम से कम 200 एकड़ भूमि में राम लला के विशाल मंदिर का निर्माण कराया जाना चाहिए। रामालय ट्रस्ट के सचिव ने कहा कि वह सरकार के समक्ष अपने ट्रस्ट का दावा प्रस्तुत करेंगे।

मुस्लिम पक्ष के पक्षकार ने कहा…

सुप्रीम कोर्ट्ट के आदेश पर मुस्लिम पक्ष के पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि अयोध्या से बाहर मस्जिद बनने का कोई औचित्य्य नहीं, हमारी पहुंच में मस्जिद का निर्माण होना चाहिए। हम सुप्रीम कोर्ट व सरकार की बात मानेंगे सांस्कृतिक सीमा के भीतर जमीन दे या बाहर।

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मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब न कहा…

एक अन्य मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब का कहना है सुप्रीम कोर्ट पांच एकड़ जमीन देने की बात कही थी अभी यह तय नहीं हुआ है। विश्व हिंदू परिषद कौन होती है जो मस्जिद के जमीन तय करने की बात कर रही है। हम सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक ने कहा…

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी ने कहा कि केंद्र सरकार ट्रस्ट का निर्माण करें उसमें कौन होगा, कौन नहीं होगा, इससे विश्व हिंदू परिषद का कोई लेना-देना नहीं, ट्रस्ट मैं अंदर रहे या बाहर वह उस तरीके की भूमिका मैं रहेगी।

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श्री राम जन्म भूमि के रिसीवर मंडल के आयुक्त मनोज मिश्रा ने बताया माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का परीक्षण कर सरकार जो दिशा निर्देश देगी उस अनुसार स्थानीय स्तर पर कार्य किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश शासन ने अयोध्या मामले की पैरोकारों की सुरक्षा बढ़ा दी है जिसमें रामलला के मुख्य अर्चक सत्येंद्र दास, पूर्व सांसद डॉ रामविलास वेदांती, हिंदू महासभा के जिला अध्यक्ष राकेश दत्त मिश्रा, मुस्लिम मुस्लिम के नदीम बादशाह खान, मुस्लिम लीग के डॉक्टर नजमुल हसन गनी, अधिवक्ता पुंडरीक मिश्रा शामिल है। मुकदमे के पक्षकार इकबाल अंसारी, हाजी महबूब, धरमदास शामिल हैं।

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