मंदिरों के लिए नई गाइडलाइन तैयार, बिना इसके नहीं होंगे भगवान के दर्शन

पूरा देश इस समय कोरोना की चपेट में है। कोरोना के प्रकोप को जल्द से जल्द काबू करने के लिए देश भर में पहले से लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। जिसका असर आज जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है।

Published by Aditya Mishra Published: May 17, 2020 | 11:00 am
Modified: May 17, 2020 | 11:01 am

नई दिल्ली: पूरा देश इस समय कोरोना की चपेट में है। कोरोना के प्रकोप को जल्द से जल्द काबू करने के लिए देश भर में पहले से लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। जिसका असर आज जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है।

लॉकडाउन 3.0 रविवार को ख़त्म हो जाएगा। लेकिन बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए लॉकडाउन का बढ़ना तय है। लॉकडाउन 4.0 को लेकर आज गृह मंत्रालय की ओर से नये दिशा निर्देश जारी किये जाएंगे।

सूत्र बता रहे हैं कि सरकार ने इस पर भी गाइडलाइन तैयार कर ली है कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद जब मंदिरों में लोग दर्शन के लिए पहुंचेंगे तो उस वक्त क्या नियम कानून फॉलो करने होंगे। बता दें कि कोरोना के चलते 23 मार्च से ही मंदिरों में भी ताले लटके पढ़े हैं, पुजारी के अलावा किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है।

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आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में नये नियम होंगे लागू

लॉकडाउन खुलने के बाद भी मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक ने नए नियम भी बना लिए हैं। अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।

संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सबसे ज्यादा जरूरी है। इसलिए फिलहाल तो मंदिरों को बंद ही रखा जाएगा, लेकिन राज्य सरकारें और देशभर के मंदिर प्रशासन इस बात पर विचार कर रहे हैं कि लॉकडाउन पूरी तरह से खुलने के बाद की व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए।

पूजा- पाठ के लिए ये होगी गाइड लाइन

दूर से ही होंगे भगवान के दर्शन
एक दिन पहले ही बुक कराना होगा स्लॉट

एसएमएस के जरिए मिलेगी जानकारी
फूल-मालाएं और प्रसाद पर लग सकती है रोक
चरणामृत और प्रसाद बांटने पर रहेगी रोक
गर्भगृहों में जाने की नहीं होगी अनुमति
दर्शन के लिए आधार कार्ड लाना होगा जरूरी

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सिक्खों के पवित्र स्थल गुरुद्वारा में भी बदलेंगे नियम

गुरुद्वारा में लंगरों में होने वाली भीड़ को रोकने और सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के लिए गुरुद्वारा समितियां भी इस पर विचार कर रही हैं।