कोरोना का कहर, देश को हो रहा रोज इतने अरब डॉलर का नुकसान

सरकार का मानना है कि लॉकडाउन की वजह से कोरोना वायरस को कंट्रोल करने में बहुत सफलता मिली है, लेकिन इसकी वजह से लोगों और अर्थव्यवस्था को नकसान हो रहा है।

नई दिल्ली: कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने देश में लाॅकडाउन किया है जिसके खत्म होने की तारीख 14 अप्रैल है। लेकिन अब सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या लॉकडाउन खत्म होगा या फिर इसे एक बार फिर से बढ़ाया जाएगा, या फिर कुछ ही इलाकों को ही लॉकडाउन से छुटकारा दिया जाएगा। कोरोनो की वजह से किए लाॅकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है।

सरकार का मानना है कि लॉकडाउन की वजह से कोरोना वायरस को कंट्रोल करने में बहुत सफलता मिली है, लेकिन इसकी वजह से लोगों और अर्थव्यवस्था को नकसान हो रहा है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि एक फौरी आकलन के मुताबिक भारत की रोजाना जीडीपी लगभग 8 बिलियन डॉलर(8 अरब) है। एक मीडिया रिपोर्ट में यह बातें कही गई हैं।

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इस रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने बताया है कि अगर लॉकडाउन को 30 दिनों तक खींचा जाता है तो लगभग 250 बिलियन डॉलर का नुकसान देश को होगा। अगर लॉकडाउन को जल्दी हटाया जाता है तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में इस नुकसान को पाटा जा सकता है, लेकिन अगर लॉकडाउन लंबा खिंचा तो रिकवरी असंभव हो जाएगी।

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कोरोना के विश्वव्यापी खतरे और दुनिया में इस जानलेवा वायरस कहर को देखते हुए सरकार एकतरफा फैसला नहीं लेना चाहती है। इसलिए मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने सहमति का रास्ता चुना और राज्यों से कहा कि वे लॉकडाउन से एग्जिट का प्लान तैयार करके भेजें।

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गौरतलब है कि कोरोना के लगातार आंकड़ें बदल रहे हैं जिसकी वजह से राज्यों के सामने लॉकडॉउन का एग्जिट प्लान तैयार करना मुश्किल है, क्योंकि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या रोजाना आ रही है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि मंत्रियों की रिपोर्ट इस सप्ताह के अंत तक का सकती है, इसके बाद पीएम एक बार मुख्यमंत्रियों के साथ एक बार फिर से बैठक करेंगे।