निर्भया केस: SC ने अक्षय की क्यूरेटिव पीटिशन की खारिज, अब फांसी होनी तय

निर्भया गैंगरेप मामले (Nirbhaya Gang Rape Case) में एक ओर दोषियों को 1 फरवरी को फांसी दी जानी है, जिसे लेकर जेल प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, तो वहीं सजा से बचने के लिए दोषियों के दांव पेंच जारी है। हालांकि

Published by Shreya Published: January 30, 2020 | 9:35 am
Modified: January 30, 2020 | 2:26 pm
निर्भया केस: SC ने अक्षय की क्यूरेटिव पीटिशन की खारिज, फांसी की सजा बरकरार

निर्भया केस: SC ने अक्षय की क्यूरेटिव पीटिशन की खारिज, फांसी की सजा बरकरार

नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप मामले (Nirbhaya Gang Rape Case) में दोषी अक्षय की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अधिवक्ता एपी सिंह ने दोषी अक्षय सिंह की ओर से क्यूरेटिव याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट को वर्तमान क्यूरेटिव पीटिशन को अनुमति देनी चाहिए और 5 मई, 2017 के उस आदेश को रद्द किया जाना चाहिए, जिसने मौत की सजा को बरकरार रखा है। बता दें कि दायर याचिका में ये भी कहा गया था कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर जन दबाव और जनता की राय के चलते अदालतें दोषियों को फांसी की सजा सुना रही हैं।

क्यूरेटिव याचिका हुई खारिज, अब…

सुप्रीम कोर्ट ने अक्षय की याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद अब दोषी अक्षय के पास निर्भया केस में मिली सजा-ए-मौत के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दया याचिका भेजने का भी विकल्प है। निर्भया गैंगरेप केस में मुकेश और विनोद के बाद अक्षय तीसरा दोषी है, जिसने क्यूरेटिव याचिका दाखिल की है।

पांच जजों की पीठ ने की याचिका की सुनवाई

अक्षय की याचिका पर पांच जजों की पीठ ने (न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति आर भानुमती और न्यायमूर्ति अशोक भूषण) सुनवाई की।

निर्भया गैंगरेप मामले (Nirbhaya Gang Rape Case) में एक ओर दोषियों को 1 फरवरी को फांसी दी जानी है, जिसे लेकर जेल प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, तो वहीं सजा से बचने के लिए दोषियों के दांव पेंच जारी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के सामने दोषियों के वकील का एक भी पैंतरा काम नहीं कर रहा है।

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मुकेश की याचिका को खारिज कर चुका है कोर्ट

बता दें कि इससे पहले दोषी मुकेश की याचिका को मंगलवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान दोषी के वकील ने खुलासा किया कि मुकेश के साथ जेल में यौन उत्पीड़न हुआ है। उनका आरोप है कि मुकेश के साथ जेल में बुरी तरह मारपीट भी हुई थी। मामले में कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाते हुए मुकेश की याचिका ख़ारिज कर दी।

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मुकेश के पास भी बची है आखिरी लाइफ लाइन

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट आरोपी मुकेश की पुनर्विचार याचिका और दया याचिका सभी को खारिज कर चुका है। अभी मुकेश के पास आखिरी ऑप्शन बचा है और वो है राष्ट्रपति भवन से खारिज हुई दया याचिका को हाई कोर्ट या फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की। बता दें कि एक अन्य दोषी विनय की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है।

फांसी से पहले दोषियों को परिवार से मिलवाया गया

फांसी से तीन दिन पहले दोषियों को उनके परिजनों से मिलवाया गया। मंगलवार को चारों गुनहगारों को उनके परिवार वालों से आखिरी बार मुलाकात कराई गई। हालांकि, अभी भी चारों गुनहगार फांसी से बचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

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