इस जेल से आया फंदा! निर्भया गैंगरेप के आरोपी को भेजा गया तिहाड़

निर्भया गैंगरेप के आरोपी विनय शर्मा को रविवार देर रात तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया। इसके पहले वह मंडोली जेल में बंद था। देने वाली बात यह है कि तिहाड़ में बाकी तीनों आरोपी मुकेश, पवन और अक्षय बंद हैं।

Published by Harsh Pandey Published: December 10, 2019 | 12:43 pm
Modified: December 10, 2019 | 12:48 pm

नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप के आरोपी विनय शर्मा को रविवार देर रात तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया। इसके पहले वह मंडोली जेल में बंद था। देने वाली बात यह है कि तिहाड़ में बाकी तीनों आरोपी मुकेश, पवन और अक्षय बंद हैं।

दरअसल, विनय शर्मा ने ही अपनी फांसी की सजा के खिलाफ दया याचिका लगाई थी, जो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सामने लंबित है। हालांकि, विनय शर्मा ने राष्ट्रपति से दया याचिका को वापस करने की मांग की है।

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यह है पूरा मामला…

2012 दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामला भारत की राजधानी दिल्ली में 16 दिसम्बर 2012 को हुई एक बलात्कार तथा हत्या की घटना थी, जो संचार माध्यम के त्वरित हस्तक्षेप के कारण प्रकाश में आयी।

30 दिसम्बर 2012 को उसका शव दिल्ली लाकर पुलिस की सुरक्षा में जला दिया गया। इस कृत्य की निन्दा करते हुए सोशल मीडिया में ट्वीटर फेसबुक आदि पर काफी कुछ लिखा गया।

इस घटना के विरोध में पूरे देश में उग्र व शान्तिपूर्ण प्रदर्शन हुए जिसमें नई दिल्ली, कलकत्ता और बंगलौर में हुए प्रदर्शनों उल्लेखनीय हैं।

उल्लेखनीय बात यह है कि नई दिल्ली में यौन अपराधों की दर अन्य मैट्रोपॉलिटन शहरों के मुकाबले सर्वाधिक (प्रति 18 घण्टे पर लगभग एक बलात्कार) है। इससे पूर्व भारत की एक मात्र महिला राष्ट्र्पति प्रतिभा पाटिल सुप्रीम कोर्ट द्वारा बलात्कार के पांच मामलों में दी गयी फांसी की सजा को माफ करके उम्रकैद में बदल चुकी हैं।

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इसके साथ ही इस मामले की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी निन्दा हुई। इसके परिणाम स्वरूप कई कड़े कानून संसद में पारित किये गए हैं।

एक आरोपी ने जेल में की आत्महत्या…

11 मार्च 2013 राम सिंह नामक मुख्य आरोपी ने सुबह तिहाड़ जेल में आत्म-हत्या कर लिया। हालांकि राम सिंह के परिवार वालों तथा उसके वकील का मानना है कि उसकी जेल में हत्या की गयी है। 14 सितम्बर 2013 को इस मामले के लिये विशेष तौर पर गठित त्वरित अदालत ने चारो वयस्क दोषियों को फांसी की सज़ा सुनायी।

निर्भया, एक भयावह घटना…

निर्भया पीड़िता को समाज व मीडिया द्वारा दिया गया नाम है। भारतीय कानून व मानवीय सद्भावना के अनुसार ऐसे मामले में पीड़ित की पहचान को उजागर नहीं किया जाता। नई दिल्ली में अपने पुरुष मित्र के साथ बस में सफर कर रही निर्भया के साथ 16 दिसम्बर 2012 की रात में बस के निर्वाहक, मार्जक व उसके अन्य साथियों द्वारा पहले भद्दी-भद्दी फब्तियां कसी गयीं और जब उन दोनों ने इसका विरोध किया तो उन्हें बुरी तरह पीटा गया।

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जब उसका दोस्त बेहोश हो गया तो उस युवती के साथ उन ने बलात्कार करने की कोशिश की। उस युवती ने उनका विरोध किया परन्तु जब वह संघर्ष करते-करते थक गयी तो उन्होंने पहले तो उससे बेहोशी की हालत में बलात्कार किया।

बाद में वे सभी उन दोनों को एक निर्जन स्थान पर बस से नीचे फेंककर भाग गये। किसी तरह उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। वहां बलात्कृत युवती की शल्य चिकित्सा की गयी।

परन्तु हालत में कोई सुधार न होता देख उसे 26 दिसम्बर 2012 को सिंगापुर के माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल ले जाया गया जहां उस युवती की 29 दिसम्बर 2012 को मौत हो गई। 30 दिसम्बर 2012 को दिल्ली लाकर पुलिस की सुरक्षा में उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।