डोभाल से भागा चीन: देशों के मध्य वार्ता ने किया कमाल, हुई थी ये बातचीत

रविवार को देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने वीडियो कॉल पर चीनी विदेश मंत्री और राज्य के काउंसलर वांग यी के साथ वार्ता की थी।

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Published on: 6 July 2020 11:03 AM GMT
डोभाल से भागा चीन: देशों के मध्य वार्ता ने किया कमाल, हुई थी ये बातचीत
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नई दिल्ली। रविवार को देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने वीडियो कॉल पर चीनी विदेश मंत्री और राज्य के काउंसलर वांग यी के साथ वार्ता की थी। इस वार्ता के बारे में सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण और दूरंदेशी तरीके से हुई। अजीत डोभाल और वांग यी के मध्य हुई बातचीत का मुख्य विषय स्थिरता और शांति की पूर्ण और स्थायी बहाली और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए एक साथ काम करने पर था। साथ ही बीते दिन हुई इस बातचीत के बाद आज चीनी सेना गलवान घाटी में कुछ किलोमीटर पीछे हट गई है।

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उद्देश्य- स्थिति को सामान्य करना

आपको बता दें, इससे पहले रविवार को ये खबर मिली थी कि बॉर्डर पर आठ हफ्तों से जारी गतिरोध के बीच नई दिल्ली सीमा वार्ता पर विशेष प्रतिनिधि (एसआर) तंत्र को सक्रिय करने पर विचार कर रहा है।

साथ ही इसमें भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल अपने चीनी समकक्ष चीन के स्टेट काउंसिलर और विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत करेंगे। जिसका एकमात्र उद्देश्य स्थिति को सामान्य करना होगा।

ऐसे में चीन के पूर्वी लद्दाख में कुछ हद तक पीछे हटने के संकेत पांच दिन पहले हुई कॉर्प्स-कमांडर स्तर की वार्ता में मिल गए थे। जब दोनों देशों की सेनाएं चरणबद्ध तरीके से पीछे हटने के लिए तैयार हुई थीं।

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'गलवां क्षेत्र से मैनपावर की वापसी

इसके चलते दोनों पक्षों को मैनपावर और संरचनाओं को वापस लेना था और पांच जुलाई को इसका एक सत्यापन किया जाना था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 'सेना की टीमें कुछ प्वाइंट्स पर सत्यापन करने के लिए गईं, जहां सेनाओं के बीच गतिरोध जारी है।'

इसी कड़ी में एक वरिष्ठ सुरक्षा प्रतिष्ठान अधिकारी ने कहा था, 'गलवां क्षेत्र से मैनपावर की वापसी और संरचनाओं के विघटन का विस्तृत विवरण कल मिल जाएगा।' जैसी की अधिकारी ने आशंका जताई थी, आज चीनी सैनिक कुछ किलोमीटर पीछे हट गए हैं।

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गलवां नदी में पानी बढ़ सकता

जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा था, 'हमें नहीं पता कि यह जानबूझकर किया गया है नहीं। अगले कुछ दिनों में मौसम खराब हो जाएगा। गलवां नदी में पानी बढ़ सकता है। जिसके कारण उनकी गतिविधियां धीमी हो जाएंगी।'

वहीं इसके दूसरी तरफ चीनी सेना के पीछे हटने का एक कारण गलवान नदी के बढ़ते जलस्तर को भी माना जा रहा है। बर्फ से ढकी गलवां नदी जो अक्साई चीन क्षेत्र से निकलती है उसका जल स्तर वहां के तापमान में बढ़ोतरी होने की वजह से बढ़ रहा है।

इस संबंध में एक वरिष्ठ सेनाधिकारी ने कहा था, ‘तीव्र गति से बर्फ पिघलने की वजह से नदी तट पर कोई भी स्थिति खतरनाक हो सकती है। इसके कारण चीनी टेंट बाढ़ में डूब सकते हैं।’

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