घरों में रहेंगे तो ही बचेंगे, घरों में रहेंगे तो ही जिएंगे, जीतेंगे जंग न्यूजट्रैक के संग

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को जीतना है तो हमें खुद को आइसोलेट करना ही होगा। यह बात सबको समझ लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूरे देश को एक आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर 130 करोड़ जनता को आइसोलेट करने का प्रयास किया है। इसकी खूबी यह है कि सबको सबसे अलग-थलग कर देने के बावजूद कोई किसी जेल में नहीं है।

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को जीतना है तो हमें खुद को आइसोलेट करना ही होगा। यह बात सबको समझ लेनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूरे देश को एक आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर 130 करोड़ जनता को आइसोलेट करने का प्रयास किया है। इसकी खूबी यह है कि सबको सबसे अलग-थलग कर देने के बावजूद कोई किसी जेल में नहीं है।

आप घरों के अंदर हैं तो आप कोरोना से महफूज हैं, आप अपने परिजनों के बीच समय बिताइये। कितने लोग ऐसे होंगे जिन्होंने सालों से अपने परिजनों के साथ बैठकर बात नहीं की होगी।

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यह आपका सौभाग्य है आप अपनों के बीच समय दे पा रहे हैं लेकिन कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण फैलाने से बचें। खासकर युवाओं को यह महसूस हो रहा है कि उन्हें कुछ नहीं होगा। इस विषय पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चिंता का इजहार किया है।

WHO का कहना है कि बेशक आपका सिस्टम बेहतर है लेकिन आप कोरोना के संवाहक बन सकते हैं, उसको एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकते हैं, एक से दूसरे व्यक्ति में उसका ट्रांसमिशन कर सकते हैं।

आवाजाही पर रोक है जरूरी

लोगों की आवाजाही रोकने के पीछे यही एक बड़ा कारण है इसलिए जनता कर्फ्यू या ताला बंदी का मखौल ना बनाएं। अगर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें और बाजार खुलते हैं तो देखने में आ रहा है कि वहां तमाम लोग तमाशबीन होते हैं जबकि कुछ खरीदार। कुछ युवा वहीं पर खड़े होकर के बातें कर रहे होते हैं।

झुंड के झुंड आ जाते हैं। यह कोरोना का संक्रमण बढ़ाएगा।

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सरकार ने भी कहा है कि एक घर से एक ही आदमी बाहर आए अब लोगों द्वारा इस नियम को ना मानने के कारण ही सरकार को कई राज्यों में 31 मार्च तक कर्फ्यू लगा देना पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात में दोबारा राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं, उनकी बात को ध्यान से सुनें और उस पर अमल करें।

दिल खोल कर आगे आ रहे लोग

यह बहुत अच्छा है कि इस संकटकाल के मौके पर हमारे विभिन्न दलों के नेता, जनप्रतिनिधि दलगत भावना से ऊपर उठकर कोरोना आपदा कोष में दिल खोलकर पैसा दे रहे हैं, धन जमा कर रहे हैं, ताकि सरकार कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही इस जंग में कहीं से कमजोर ना पड़े।

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सरकार ने भी कहा है कि कर्फ्यू में जरूरी सुविधाएं चालू रहेंगी लेकिन किसी को बिना काम के बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जाएगी, सभी ट्रेनें, मेट्रो ट्रेनें, बसें, उड़ानें सब बंद हैं, फिर आप बाहर क्यों निकल रहे हैं बाहर निकल कर आप आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के काम में व्यवधान डाल रहे हैं।

हर नाके पर फालतू लोगों की भीड़ जमा हो जा रही है, कुछ लोग सिर्फ इस नजारे को देखने के लिए बाहर आ रहे हैं, ऐसा न करें, बाहर ना आएं। ना तो खुद को खतरे में डालें और ना ही अपने परिवार के लोगों को। ना ही अपने मित्रों शुभचिंतकों को।

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