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पाक आर्मी का नापाक प्लान, अब इसके जरिए कश्मीर में आतंक फैलाने की कोशिश

पाक-भारत में भिड़ंत बहुत सालों से चली आ रही है। 90 के दशक में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का जिस तरह का माहौल था वो सारी दुनिया के सामने है। लेकिन अब आर्टिकल 370 हटने के बाद पाकिस्तान फिर से जम्मू-कश्मीर में 90 के दशक जैसा माहौल बनाने की साज़िश रच रहा है।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 23 Aug 2019 4:58 AM GMT

पाक आर्मी का नापाक प्लान, अब इसके जरिए कश्मीर में आतंक फैलाने की कोशिश
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श्रीनगर: पाक-भारत में भिड़ंत बहुत सालों से चली आ रही है। 90 के दशक में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का जिस तरह का माहौल था वो सारी दुनिया के सामने है। लेकिन अब आर्टिकल 370 हटने के बाद पाकिस्तान फिर से जम्मू-कश्मीर में 90 के दशक जैसा माहौल बनाने की साज़िश रच रहा है।

कश्मीर में 90 के दशक में विदेशी आतंकवादियों की भरमार थी। जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अन्य कई देशों से भी आतंकियों को पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में भेजता था। लेकिन भारतीय सेना की कार्रवाई ने सबकी कमर तोड़ दी है और विदेशी आतंकी न के बराबर हो गए। लेकिन आर्टिकल 370 के जम्मू-कश्मीर से हटने के बाद पाकिस्तान सेना बौखला गई है।

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LoC के पास के लॉन्च पैड पर हुआ आतंकियों का जमावड़ा

सूत्रों की माने तो, 200 से भी ज़्यादा अफगानी आतंकी जो कि तालिबान के साथ मिलकर लड़ चुके है, भारत पर हमले के लिए Loc के करीब लॉन्च पैड पर मौजूद हैं। इतना ही नहीं एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ अफगानी आतंकियों के भारत में घुसपैठ की ख़बर भी है, जो दिल्ली सहित अन्य बड़े शहरों में आतंकी वारदात कर माहौल बिगाड़ सकते हैं।

मसूद अज़हर का भाई PoK में एक्टिव हुआ

सूत्रों के अनुसार, 19 अगस्त को बहावलपुर में आतंकी तंजीमों की एक बड़ी बैठक बुलाई गई थी जिसकी प्रमुखता मसूद अज़हर का छोटा भाई मौलाना रउफ अज़हर कर रहा था। वह जैश के आर्म्ड विंग का कमांडर है।

रउफ अफगानिस्तान की लड़ाई में भी सक्रिय रहा है। ऐसे में रउफ इस कोशिश में लगा है कि ज़्यादा से ज़्यादा अफगानी आतंकियों को भारत में भेजा जा सके। इसके पीछे वजह यह है कि अफगानी आतंकी बाकी आतंकी तंजीमों से ज़्यादा बेहतर ट्रेंड होते हैं। सूत्रों की माने को इस बैठक में घुसपैठ और आतंकी हमलों को लेकर चर्चा की गई और उस बैठक के नतीजे को ISI के पास मंज़ूरी के लिए भेजा गया है।

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हमले के लिए आतंकी कर रहे हैं आदेश का इंतजार

सूत्रों के अनुसार, ये भी पता चला की जम्मू-कश्मीर में मौजूद जैश के आतंकी हथियार, गोलाबारूद और आतंकी हमलों के आदेश और पूरी ब्रीफिंग का इंतजार कर रहे हैं। यही नही इंटेंलीजेंस इनपुट ये भी ख़ुलासा कर रहे है कि 13 अगस्त को पाकिस्तानी सेना के बडे़ अधिकारी ने पुंछ सेक्टर की दूसरी ओर रावलकोट में आतंकी तंजीमों के कमांडरो से भी मुलाकात की थी। आतंकियों के निशाने पर देहरादून में इंडियन मिलेट्री अकादमी भी है। मतलब आतंकियों की हिट लिस्ट में IMA भी है।

ISI ने तेज की आतंकियों की भर्ती

वैसे तो, बालाकोट एयर स्ट्राइक से ही अभी पाकिस्तान संभल नहीं पाया था कि भारत ने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का कदम उठा लिया। इसके बाद से सेना और सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने पाकिस्तान की तरफ़ से घुसपैठ की कोशिशों को लगभग बंद कर रखा है। ऐसे में आतंकी तंजीमो को मदद करने वाली पाकिस्तान की गुप्त एजेंसी ISI दबाव में है और उसने अब खुद आतंकियों की भर्ती करने का काम शुरू कर दिया है।

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सूत्रों के मुताबिक़ PoK के मुज़फ़्फ़राबाद के बसनाडा कैंप में ISI आतंकियों की भर्ती का काम खुद कर रहा है। यानी अब कश्मीर में घुसपैठ के लिए नए सिरे से भर्ती की जा रही है और PoK के युवाओं को आतंकी तंजीम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ख़ुलासा हुआ है कि भर्ती के बाद जो भी ट्रेनिंग उन्हें दी जा रही है वो आतंकी तंजीम अल बद्र के कमांडर दे रहे हैं और ट्रेनिंग के बाद लीपा और केरन के लॉन्चपैड से घुसपैठ कराने की तैयारी में ISI खुद बढ़-चढ़कर आगे आ रहा है।

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