मोदी की दुकान! याद दिलाएगी जीवन के संघर्ष भरे पलों को

प्रधानमंत्री मोदी के बचपन का काफी हिस्सा इसी चाय की दुकान पर बीता है। यही वजह है कि पीएम मोदी अक्सर ही अपनी रैलियों में इस चाय की दुकान का फिक्र करते रहे हैं। पीएम मोदी ने 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान भी अपनी इस चाय की दुकान का जिक्र किया था।

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीति में आने से पहले चाय बेचते थे। ये बात सबको मालूम है की देश के 14वें प्रधानमंत्री पहले चाय बेचा करते थे। मगर क्या कभी आपने सोचा है कि जिस दुकान में पीएम मोदी चाय बेचते थे, उसकी आज कैसी हालत होगी। वो दुकान खुली होगी या बंद होगी?

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अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो ये खबर आपकी है क्योंकि आज हम आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उसी चाय की दुकान पर ले जाएंगे, जहां वह बचपन में चाय बनाते थे। दरअसल, पीएम मोदी की उस दुकान को पर्यटन स्थल में तब्दील किया जा रहा है। जी हां, उस दुकान को पर्यटन स्थल के तौर विकसित करने का काम शुरू भी कर दिया गया है।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृत मंत्री ने क्या कहा

इस मामले में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृत मंत्री प्रह्लाद पटेल का कहना है कि दुकान के मूल स्वरूप को वैसे ही रखा जाएगा, जैसा वो पहले से थी। बस दुकान का वही स्वरूप बनाए रखने के लिए उसे शीशे से कवर करने के निर्देश दे दिये गए हैं। वैसे इस दुकान को साल 2017 में ही पर्यटन केंद्र बनाने का फैसला ले लिया गया था।

इस दुकान से जुड़ी है पीएम मोदी की यादें

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बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चाय की दुकान वडनगर रेलवे स्टेशन के एक प्लैटफ़ार्म में है। वडनगर रेलवे स्टेशन गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित है। यह वही जिला है, जहां पीएम मोदी का जन्म हुआ था। पीएम मोदी का जन्मस्थल दुनिया के नक्शे में आ जाए, इसलिए उनकी चाय की दुकान को पर्यटन स्टाल में तब्दील किया जा रहा है।

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प्रधानमंत्री मोदी के बचपन का काफी हिस्सा इसी चाय की दुकान पर बीता है। यही वजह है कि पीएम मोदी अक्सर ही अपनी रैलियों में इस चाय की दुकान का फिक्र करते रहे हैं। पीएम मोदी ने 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान भी अपनी इस चाय की दुकान का जिक्र किया था। तब उन्होंने बताया था कि वह यहां अपने पिता के साथ चाय बेचते थे।