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अनपढ़ कैदी के पेट में मिला लंबा-चौड़ा सुसाइड नोट, PM करने वाले डॉक्टर रह गये दंग

बता दें कि जेल में कैदी की मौत और फिर मृतक के पेट से सुसाइड नोट बरामद होने का ये कोई पहला मामला नही है, बल्कि समय-समय पर पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें कैदी ने जेल प्रशासन द्वारा उत्पीड़न से परेशान से होकर सुसाइड करने का जैसा घातक कदम उठाया था। इस तरह की घटनाएं जेल प्रशासन से जुड़े अधिकारियों पर कई तरह के गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

Newstrack
Updated on: 16 Oct 2020 6:08 AM GMT
अनपढ़ कैदी के पेट में मिला लंबा-चौड़ा सुसाइड नोट, PM करने वाले डॉक्टर रह गये दंग
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जेल के अधिकारियों ने सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों को ये कहते हुए सिरे से ख़ारिज करते दिया कि मृतक को पढ़ना लिखना- बिल्कुल भी नहीं आता था।
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नासिक: आज की बड़ी खबर महाराष्ट्र के नासिक शहर से आ रही है। यहां केंद्रीय कारागार में कथित तौर पर एक कैदी ने खुद को फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है।

डॉक्टरों को पोस्टमार्टम करते वक्त उसके पेट से एक सुसाइड नोट मिला है। मृतक ने सुसाइड नोट में जेल अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न किये जाने की बात लिखी है।

मृतक का नाम असगर अली मंसूरी बताया जा रहा है। सुसाइड नोट को पोस्टमॉर्टम के दौरान उसके पेट से बरामद किया गया जो प्लास्टिक में लिपटा हुआ था।

सुसाइड नोट के मुताबिक जेल कर्मचारियों द्वारा उसे लगातार टॉर्चर किया जा रहा था और पिछले कुछ दिनों में वार्डर के रूप में काम करने की अनुमति उसे नहीं थी।

Prisoner जेल में बंद कैदी की प्रतीकात्मक फोटो(सोशल मीडिया)

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पुलिस के उठे होश

इस घटना के सामने आने के बाद से पुलिस के अधिकारियों को अब जवाब देते नहीं बन रहा है। उनका कहना है कि ,हम आरोपों की जांच कर रहे हैं।

वहीं एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंसूरी को मर्डर केस में सजा हुई थी। 7 अक्टूबर को मंसूरी का शव उसके कोठरी में लटकता हुआ पाया गया था। पॉलीथिन में लिपटा सुसाइड नोट, शव परीक्षण के दौरान उसके पेट से पाया गया है।

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Books किताब की फोटो(सोशल मीडिया)

कैदी को लिखना -पढ़ना नहीं आता था फिर किसने की थी मदद, उठे कई सवाल

उसने ये भी बताया कि मंसूरी को पढ़ना और लिखना दोनों ही नहीं आता था, इसलिए हो सकता है किसी ने उसे ये नोट लिखने में हेल्प की होगी। जबकि जेल अधिकारियों ने सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया।

इस बीच अब ये भी जानकारी निकलकर बाहर आई है कि मंसूरी की मौत के बाद, अन्य कैदियों ने उच्च अधिकारियों को एक लेटर लिखकर सुसाइड नोट में नामित कर्मचारियों के विरुद्ध सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए सजा की मांग की है।

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