हिला यूपी-बिहार: 315 लोगों की चली गई जान, बारिश ने मचाया हाहाकार

मानसून आया जिससे एक तरफ लोगों को राहत तो मिली, मगर कुछ पर आकाशीय तूफान ने कहर ढा दिया। बीते कई दिनों से उत्तर प्रदेश और बिहार में आकाशीय बिजली आफत मचाए हुए है।

लखनऊ : मानसून आया जिससे एक तरफ लोगों को राहत तो मिली, मगर कुछ पर आकाशीय तूफान ने कहर ढा दिया। बीते कई दिनों से उत्तर प्रदेश और बिहार में आकाशीय बिजली आफत मचाए हुए है। इन दोनों राज्यों को देखे तो यहां बिजली गिरने से करीब 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ऐसे में यूपी और बिहार में 15 मई के बाद से अभी तक लगभग 315 लोगों की मौत हो चुकी है।

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सबसे ज्यादा आकाशीय बिजली से मौतें बिहार में

इनमें से सबसे ज्यादा आकाशीय बिजली से मौतें बिहार में हुई हैं। इस बारें में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में पिछले डेढ़ महीने में कम से कम 253 और लोग बिजली गिरने से जान गंवा चुके हैं और 49 घायल हुए हैं जिनमें 90 प्रतिशत लोग यूपी और बिहार के रहने वाले हैं।

सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में हर साल कम से कम 2,000 से 3,000 मौतें आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश के कारण होती हैं। इसमें सन् 2018 में पश्चिम यूपी, राजस्थान और हरियाणा में आकाशीय बिजली से कम से कम 100 लोगों की मौत हुई थी।

अगले 12 घंटों के दौरान तेज आंधी और बिजली

इसके साथ ही शनिवार को मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में अगले 12 घंटों के दौरान तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।

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मरने वालों में ज्यादातर किसान और मजदूर

वहीं आकाशीय बिजली से मरने वालों में ज्यादातर किसान और मजदूर हैं जो खेतों में कृषि-संबंधित काम कर रहे थे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को हुए जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है।

साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। सीएम ने घायल व्यक्तियों के मुफ्त इलाज का आदेश दिया है।

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जून में ही तीव्र बारिश

इस सिलसिले में वैज्ञानिकों का कहना है कि तेज बारिश के कारण अधिक किसान अपनी धान की फसल के लिए मानसून का सबसे अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं।

आगे उन्होंने कहा, ‘इस साल बिहार और पूर्वी यूपी में बिजली गिरने की घटनाओं और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में जून में ही तीव्र बारिश देखी जा रही है। पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में आमतौर पर जून में ऐसी बारिश नहीं होती थी। फिलहाल अभी इन राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है।

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