हरिद्वार महाकुंभ 2021: तैयारियों को लेकर उत्तराखण्ड पुलिस ने किया मंथन

अशोक कुमार, महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था की अध्यक्षता में कुम्भ मेले की तैयारियों को लेकर पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में पिछले कुम्भ मेलों में अपना अनुभव दे चुके पुलिस अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गयी।

Published by Harsh Pandey Published: September 13, 2019 | 5:05 pm
Modified: September 13, 2019 | 5:06 pm

हरिद्वार:  हरिद्वार में वर्ष 2021 में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं को अच्छी सुविधा मुहैया कराने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज अशोक कुमार, महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था की अध्यक्षता में कुम्भ मेले की तैयारियों को लेकर पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में पिछले कुम्भ मेलों में अपना अनुभव दे चुके पुलिस अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, कम्भ मेला, ए पी अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, पुष्पक ज्योति, पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक, अजय रौतेला, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, केवल खुराना, पुलिस उपमहानिरीक्षक/निदेशक यातायात, विमला गुंज्याल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, अभिसूचना, रिधिम अग्रवाल मौजीद रहे।

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इसके साथ ही हरिद्वार महाकुंभ 2021 की तैयारियों को लेकर हुई बैटक में उत्तराखण्ड पुलिस , पुलिस उपमहानिरीक्षक, एसटीएफ, नीरू गर्ग, पुलिस उपमहानिरीक्षक, एटीसी हरिद्वार, अरूण मोहन जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून , जन्मेजय खंडूरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कुम्भ मेला, सेंथिल अबुदेई कृष्ण राज एस, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार, दलीप सिंह कुंवर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पौड़ी गढ़वाल सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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अशोक कुमार, महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड ने बताया कि बैठक में भीड़ प्रबन्धन के साथ-साथ कुम्भ आयोजन के सभी पहलुओं जैसे कार्मिक, यातायात प्रबन्धन, फायर सर्विस, प्रशिक्षण, सीसीटीवी, ड्रोन आदि पर काफी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। कुम्भ मेला में आने वाले हर श्रद्धालु को सकुशल और शान्तिपूर्वक स्नान कराकर उसे वापस पहुंचा देना ही सबसे बड़ा प्रबंन्धन है।

महाकुम्भ मेला 2021 में श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा मिले इस ओर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कुम्भ मेले में पूर्व में ड्यूटी दे चुके एवं इच्छुक कर्मियों को ही नियुक्त किया जाएगा। साथ ही बाहरी राज्यों से भी कुम्भ मेला का अनुभव रखने वाले कर्मियों को ही भेजने का अनुरोध किया जाएगा।

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हरिद्वार महाकुम्भ….

महाकुम्भ भारत का एक प्रमुख उत्सव है जो ज्योतिषियों के अनुसार तब आयोजित किया जाता है जब बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश करता है। कुम्भ का अर्थ है घड़ा। यह एक पवित्र हिन्दू उत्सव है। यह भारत में चार स्थानो पर आयोजित किया जाता है: प्रयाग राज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक।

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पौराणिक आख्यानों के अनुसार समुद्रमंथन के दौरान निकला अमृतकलश 12 स्थानों पर रखा गया था जहां अमृत की बूंदें छलक गई थीं। इन 12 स्थानों में से आठ ब्रह्मांड में माने जाते हैं और चार धरती पर जहां कुंभ लगता है।

हिन्दू धर्म में मान्यता है कि इस मेले में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों आदि प्राचीन ग्रन्थों में उपर्युक्त चारों स्थानों पर महाकुंभ लगने के लिए ग्रहों की विशिष्ट स्थितियाँ बतायी गयी हैं।