ना करें नजरअंदाज: शरीर के इस हिस्से से कोरोना का हमला, रहें संभल कर

कोरोना वायरस की शुरूआत से ही संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनने, हाथों को धोने- सैनिटाइज करने और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखने की सलाह दी जा रही है।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस की शुरूआत से ही संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनने, हाथों को धोने- सैनिटाइज करने और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही लोगों को नाक, मुंह और आंखो को हाथों से बार-बार ना छूने की भी सलाह दी जा रही है। लेकिन इन सबके बाद भी शरीर का एक ऐसा हिस्सा अक्सर खुला रहता है और इसके कोरोना के संपर्क में आने की संभावना ज्यादा रहती है।

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आखों का ख्याल रखना बेहद जरूरी

ये अंग है आंखे। जी हां, कोरोना वायरस के इस दौर में आंखों की सेफ्टी उतनी ही जरूरी है जितनी कि नाक और मुंह की। आखों के कोरोना के संपर्क में आने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए आंखों की सेफ्टी को बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें। नाक और मुंब की तरह अपनी आंखों की भी अच्छे से देखभाल करें।

आंखों की सेफ्टी करना एक बड़ा कदम

द लैंसेट पत्रिका में छपी एक स्टडी के मुताबिक, कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आंखों की सेफ्टी करना एक बड़ा कदम हो सकता है। इस स्टडी का निष्कर्ष 16 देशों के लोगों पर की गई 170 अध्ययन की समीक्षा पर आधारित है।

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आंखों की सुरक्षा, नाक और मुंह को बचाना जितना जरूरी

यह स्टडी जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की ओर से की गई है, जिसमें बताया गया है कि कोरोना वायरस आंखों के जरिए भी फैल सकता है। इस स्टडी में कहा गया है कि आंखों की सुरक्षा उतनी ही आवश्यक है जितना कि नाक और मुंह को बचाना जरूरी होता है।

ड्रॉपलेट्स आखों के जरिए कोशिकाओं पर कर सकती हैं हमला

अध्ययन के मुताबिक, अगर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज आपके पास खांसता या छींकता है तो उसके निकलने वाले संक्रामक ड्रॉपलेट्स आपकी आखों के द्वारा भी कोशिकाओं पर हमला कर सकती हैं। इसलिए आखों का भी नाक और मुंह की ही तरह ख्याल रखने से कोरोना वायरस का खतरा कम हो जाता है।

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आखों की सेफ्टी के लिए करें ये उपाय

आंखों की सेफ्टी का ध्यान रखने के लिए वाइजर, फेस शील्ड, गॉगल्स या बड़े चश्मे पहनने का सुझाव दिया गया है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी के मुताबिक, करेक्टिव लेंस या धूप का चश्मे से आपकी आंखें संक्रमित ड्रॉपलेट्स यानी बूंदों से बची रह सकती हैं। लेकिन चश्मे के किनारे, ऊपर और नीचे का हिस्सा खुला रहने की जवह से वायरस के संपर्क में आने की संभावना बढ़ सकती है।

इसलिए मास्क को साफ करने के साथ-साथ अपने आखों के सुरक्षा कवच को भी कीटाणुरहित करते रहें। आंखों के सुरक्षा कवच को साफ बेहद जरूरी है।

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