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मुंबई में DCP ट्रांसफर ऑर्डर रद्द, शिवसेना-एनसीपी का झगड़ा तो नहीं बना फैसले की वजह?

मुंबई के पुलिस कमिश्नर ऑफिस ने रविवार यानी 2 जुलाई को 10 डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के ट्रांसफर ऑर्डर को पलटने का आदेश जारी कर दिया है। दरअसल...

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Updated on: 5 July 2020 6:47 PM GMT
मुंबई में DCP ट्रांसफर ऑर्डर रद्द, शिवसेना-एनसीपी का झगड़ा तो नहीं बना फैसले की वजह?
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मुंबई: मुंबई के पुलिस कमिश्नर ऑफिस ने रविवार यानी 2 जुलाई को 10 डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के ट्रांसफर ऑर्डर को पलटने का आदेश जारी कर दिया है। दरअसल महानगर में दस डीसीपी के ट्रांसफर को लेकर गृह मंत्रालय के आदेश को राज्य सरकार द्वारा वापस लेने के कुछ घंटे बाद मुंबई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने रविवार को महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात की।

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ऐसा मुंबई पुलिस के इतिहास में पहली बार हुआ है कि 48 घंटे के अंदर पुलिस कमिश्नर की ओर से किए गए ट्रान्सफर को राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद रद्द किया गया हो, जिससे ये साफ़ पता चलता है कि महाराष्ट्र की 'महा विकास आघाडी' सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। साथ ही साथ ही अब इससे शिवसेना और एनसीपी के बीच फिर से विवाद पैदा हो गया है।

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मुख्यमंत्री कार्यालय को नहीं थी जानकरी

दरअसल 2 जुलाई को मुंबई में दस DCP का तबादला किया गया। ये तबादले केवल तीन दिन के भीतर रद्द कर दिए गए। जिसकी वजह से अब कई सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ सूत्रों का कहना है कि ये तबादले गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को विश्वास में लेकर किए गए थे। वहीं दूसरी तरफ शिवसेना के नेताओं का दावा ने दवा किया है कि ये तबादले बिना मुख्यमंत्री को बताए किए गए। इस आदेश से महाराष्ट्र में सत्तारुढ़ सहयोगी दलों के बीच विवाद बढ़ गया।

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शिवसेना के नेताओं ने किया था विरोध

बता दें कि शिवसेना के नेताओं द्वारा इन तबादलों का विरोध भी किया गया था। क्योंकि उन्हें अपनी पसंद का अधिकारी चाहिए था। शिवसेना के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को ट्रान्सफर करने से पहले, फ़ाइल को गृह मंत्री और मुख्यमंत्री दोनों के पास जाना चाहिए था। लेकिन इन ट्रान्सफर की जानकारी मुख्यमंत्री को नहीं दी गई।

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