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ओली की सेना प्रमुख से भेंट के बाद नेपाल में अटकलें, उठा सकते हैं ये बड़ा कदम

नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की नेपाल के सेनाध्यक्ष जनरल पूर्णचंद थापा से मुलाकात के बाद तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। ओली के सेना की मदद...

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NewstrackBy Newstrack

Published on 5 July 2020 3:47 PM GMT

ओली की सेना प्रमुख से भेंट के बाद नेपाल में अटकलें, उठा सकते हैं ये बड़ा कदम
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अंशुमान तिवारी

काठमांडू: नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की नेपाल के सेनाध्यक्ष जनरल पूर्णचंद थापा से मुलाकात के बाद तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। ओली के सेना की मदद से सरकार चलाने की कोशिशों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि संकट में फंसे ओली कोई बड़ा अप्रत्याशित कदम उठा सकते हैं। दूसरी ओर नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सह अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड ने चेतावनी दी है कि नेपाल में पाकिस्तान की तरह सरकार चलाने की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। इस बीच प्रचंड और ओली के बीच हुई बैठक में नेपाल में पैदा हुए राजनीतिक संकट के समाधान पर कोई सहमति नहीं बन सकी।

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कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं ओली

नेपाल में प्रधानमंत्री ओली पर इस्तीफे का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। माना जा रहा है कि सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से बढ़ते दबाव के बीच ओली कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। नेपाल के सियासी जानकारों का कहना है कि ओली कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और उनकी ओर से कोई ऐसा कदम उठाया जा सकता है जिसकी अभी तक किसी को उम्मीद नहीं है। ओली ने शनिवार को मंत्रियों की बैठक में साफ तौर पर कहा था कि वे फैसला कर लेंकि संकट की इस घड़ी में वे किसका साथ देंगे। उन्होंने एक-दो दिन में कोई बड़ा फैसला लेने की बात भी कही थी।

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प्रचंड से बैठक में नहीं बनी सहमति

पीएम ओली पर इस्तीफे के बढ़ते दबाव के बीच नेपाल में राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। ओली ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी को महाभियोग के जरिये हटाने की साजिश रची जा रही है। ओली की भंडारी से भेंट के बाद प्रचंड ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। हालांकि इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि दोनों के बीच में क्या चर्चाएं हुईं। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद प्रचंड ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर ओली से भी मुलाकात की। मौजूदा समय में नेपाल की सियासत में महत्वपूर्ण इन दोनों नेताओं की बैठक करीब आधे घंटे तक चली मगर इस बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी।

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जानकारों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच कल फिर बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक दोनों नेता अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं और इस कारण संकट का समाधान निकालना काफी मुश्किल दिख रहा है।

नेपाल के नए नक्शे के बाद संकट गहराया

कोरोना संकट के इस दौर में भारतीय इलाकों को देश के नक्शे में शामिल करने के बाद नेपाल में राजनीतिक उठापटक का दौर शुरू हुआ है। भारत के तीन इलाकों लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधूरा को नेपाल के नक्शे में शामिल किए जाने के बाद ओली की कुर्सी पर भी संकट खड़ा हो गया है। ओली अपने खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। उनका राष्ट्रीयता का कार्ड भी उनके काम नहीं आ पा रहा है।

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देश में भ्रष्टाचार, कोरोना संकट से निपटने में नाकामी और कुशासन के कारण सत्ता पर ओली की पकड़ लगातार कमजोर होती जा रही है। वे जनता का विश्वास भी पूरी तरह खो चुके हैं। हालत यह हो गई है कि पार्टी के ही तमाम नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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