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क्या पूरे भारत पर है चीन का कब्जा, आंकड़े दे रहे खतरनाक संकेत

चीनी कंपनियों और डेवलपर्स के लिए एक ही मन्त्र रहा है - ग्रोथ चाहिए तो भारत को फतह करो। चीनी डेवलपर्स का टारगेट ग्रुप भारत के छोटे शहर और कस्बे के नए इंटरनेट यूजर्स रहे हैं।

Rahul Joy

Rahul JoyBy Rahul Joy

Published on 30 Jun 2020 8:24 AM GMT

क्या पूरे भारत पर है चीन का कब्जा, आंकड़े दे रहे खतरनाक संकेत
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नील मणि लाल

लखनऊ। पूरी दुनिया में ऐप डाउनलोड करने के मामले में भारत दूसरे नम्बर पर है जबकि चीन टॉप पर। भारत मे कुल ऐप डाउनलोड्स की संख्या 20 अरब से भी ज्यादा है। 2016 से 2019 के बीच भारत में ऐप डाउन लोड 195 फीसदी बढ़े जबकि ग्लोबल औसत 45 फीसदी था।

भारत के ऐप मार्किट पर पूरी तरह से चीन कब्जा मात्र साल - डेढ़ साल के अंदर कर लिया है। टिक टॉक, हेलो, वीगो वगैरह का नाम इसी दौरान लोग जान पाए और इतना मोहित हो गए कि डाउन लोड करने में सबसे आगे हो गए।

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2018 था टर्निंग पॉइंट

भारतीय स्मार्टफोनों को चीनी ऐप्स द्वारा 2018 में टेक ओवर कर लिया गया। दिसंबर 2017 को याद करें तो गूगल प्लेस्टोर में टॉप दस मोबाइल ऐप्स में चीनी ऐप मात्र दो और सबसे नीचे थे। लेकिन 2018 में टॉप दस में 5 ऐप चीनी थे।यही नहीं, 2017 में भारत में गूगल प्ले स्टोर में विभिन्न कैटेगरी के टॉप 100 ऐप में 18 चीनी ऐप थे जबकि 2018 में इनकी संख्या 44 हो गयी।

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छोटे शहरों पर नजर

चीनी कंपनियों और डेवलपर्स के लिए एक ही मन्त्र रहा है - ग्रोथ चाहिए तो भारत को फतह करो। चीनी डेवलपर्स का टारगेट ग्रुप भारत के छोटे शहर और कस्बे के नए इंटरनेट यूजर्स रहे हैं। दरअसल इस टारगेट ग्रुप की पहचान सबसे पहले बंगलुरू में डेवलप किये गए ऐप शेयर चैट ने 2015 में की थी। लेकिन शेयर चैट की ग्रोथ भी चीनियों के विस्तार के बाद 2018-19 में ही हो सकी।

टिक टॉक की कमाई

टिकटॉक जून 2018 के बाद से भारत मे टॉप 5 में जगह बनाये हुए है। इसके 39 फीसदी यूजर भारत से हैं और मात्र 10 फीसदी अमेरिका से हैं। लेकिन 2018 में टिक टॉक के रेवेन्यू का 56 फीसदी अमेरिका से और मात्र 3 फीसदी भारत से था।

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चीनी ठप्पा हटाया

चीनी ऐप कंपनियों ने भारत में जड़ें जमाने में काफी दिमाग भी लगाया। इसके तहत अपने ऐप के कंटेंट को पूरी तरह लोकलाइज़ किया, हिंदी और अन्य स्थानीय भाषाओं पर फोकस किया, प्रोत्साहित करने के लिए यूज़र्स को पैसे दिए, डेवलपमेंट टीम लोकल रखी।

किसके कितने यूजर

चीन की कंपनियों ने भारत के ऐप बाजार पर कब्जा करने के लिए भारी रकम भी खर्च की है। ये पैसा उपभोक्ताओं के लिए उनकी स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ऐप डिजाइन करने पर खर्च किया गया। इसी का नतीजा है कि चीनी ऐप्स के उपभोक्ता हर महीने लाखों की तादाद में बढ़ते रहे हैं।

टिकटॉक – 61 करोड़

क्लब फैक्ट्री – 3.5 करोड़

हेलो – 4 करोड़

शेयर इट – 6 करोड़

यूसी ब्राउज़र – 13 करोड़

बॉक्स

भारत मे टिक टॉक के 61 करोड़ डाउन लोड्स,

हेलो के 4 करोड़, शेयर इट के 6 करोड़, यूसी ब्राउज़र के 12 करोड़ डाउनलोड्स।

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