ट्रंप के सिग्नेचर का राज! जानें क्यों कैपिटल लेटर में लिखते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति

फिलहाल डोनाल्ड ट्रंपने इस यात्रा के दौरान जो कुछ भारत के बारे में कहा है और लिखा है वो भी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। क्योंकि ये पहला मौका है। जब अमेरिका का कोई राष्ट्रपति सिर्फ भारत की यात्रा पर आया है। और उनकी किसी पड़ोसी देश में जाने की कोई योजना नहीं है।

शिवाकांत शुक्ल

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने परिवार के साथ दो दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं। यहां उन्होंने अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम से लेकर आगरा और फिर दिल्ली तक का दौरा ​किया। इस दौरान ट्रंप ने विजिटर बुक पर अपना विचार लिखा और सिग्नेचर भी किया तो आइए हम आपको इनके साइन और लिखावट पर कुछ खास कुछ बातें बताते हैं…

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम का विजिट कराया। वहां उन्होंने से जुड़े इतिहास के बारे में समझाया। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी ने चरखा भी चलाया और प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों को गांधी जी के तीन बंदरों के बारे में समझाया। जाते-जाते डोनाल्ड ट्रंप ने आश्रम की विजिटर बुक में अपने अनुभव के बारे में लिखा और प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद कहा। दिन भर उनके इस सिग्नेचर की भी चर्चा होती रही।

जैसे ये किसी के दिल की धड़कन या फिर किसी की ECG रिपोर्ट है। इनके लिखावट में एक खास बात ये देखा गया कि ट्रंप अपने ट्रंप कैपिटल लेटर में ही लिखते हैं। कैपिटल लेटर में लिखने की वजह के पीछे ये बताया जा रहा है कि वह इसलिए ऐसा लिखते हैं कि लोगों को समझने व पढ़ने में आसानी हो।

ये भी पढ़ें—चीन को लगा झटका: ट्रंप ने छोड़ा साथ, बना भारत का बड़ा साझेदार, जानिए क्यों?

ताजमहल को देखने गए ट्रंप ने विजिटर बुक में लिखा था विचार

ताजमहनल को देखने पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चले और उन्होंने गाइड की मदद से ताजमहल के बारे में जानकारियां हासिल की। इसके बाद विजिटर बुक में ट्रंप ने लिखा कि ये ताजमहल आश्चर्य चकित करने वाली कलाकृति है।

ये इमारत समय से परे है और ये भारत की सांस्कृतिक विरासत की मिसाल है। और आखिर में उन्होंने लिखा धन्यवाद भारत लेकिन इस दौरान उनकी हैंड राइटिंग और हस्ताक्षर एक बार फिर चर्चा में आ गए।

खास है ट्रंप की पेन

लेकिन ट्रंप की हैंड राइटिंग और हस्ताक्षर की चर्चा एक खास वजह से हो रही है। इस पेन का नाम है Sharpie पेन बनाने वाली एक मशहूर कंपनी है और ट्रंप ने इस कंपनी से एक विशेष प्रकार का पेन अपने लिए डिजाइन करवाया है। इस पेन से लिखे गए शब्द काफी मोटे होते हैं और उन्हें दूर से पढ़ा जा सकता है। ट्रंप महत्वपूर्ण डील्स, या दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करते हुए इसी Sharpie पेन का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि मोटी लिखावट की वजह से कई बार ट्रंप के भाषणों के कुछ हिस्से और उनके निजी नोट भी लोग दूर से ही पढ़ लेते हैं।

ये भी पढ़ें—दिल्ली के स्कूल में मेलानिया ट्रंप, बच्चों ने तिलक और आरती से किया स्वागत

राजघाट पर महात्मा गांधी को दिया श्रद्धांजलि

दिल्ली के राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दिया। यहां भी उन्होंने गांध के लिए विजिटर बुक में अपने विचार रखा साथ ही सिग्नेचर भी किया।

सोशल मीडिया पर बनाया जा रहा मजाक

ट्रंप के सिग्नेचर और लिखावट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह के मीम्स बन रहे हैं। साथ ही सिग्नेचर पर तो लोग बहुत मजे ले रहे हैं।


फिलहाल डोनाल्ड ट्रंपने इस यात्रा के दौरान जो कुछ भारत के बारे में कहा है और लिखा है वो भी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। क्योंकि ये पहला मौका है। जब अमेरिका का कोई राष्ट्रपति सिर्फ भारत की यात्रा पर आया है। और उनकी किसी पड़ोसी देश में जाने की कोई योजना नहीं है।

ये भी पढ़ें—ताजमहल पर ट्रंप ने उठाये सवाल: जवाब जान रह जायेंगे हैरान