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प्रधानमंत्री ने संबोधन के लिए क्यों चुना 10 बजे का समय, समझिए पूरी गणित

एक दौर में टीवी पर रामायण और महाभारत शो आते थे। इन सीरियल्स के प्रसारित होते समय पूरा देश थम-सा जाता था। पूरा देश रामायण और...

Ashiki Patel

Ashiki PatelBy Ashiki Patel

Published on 14 April 2020 6:24 AM GMT

प्रधानमंत्री ने संबोधन के लिए क्यों चुना 10 बजे का समय, समझिए पूरी गणित
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नई दिल्ली: एक दौर में टीवी पर रामायण और महाभारत शो आते थे। इन सीरियल्स के प्रसारित होते समय पूरा देश थम-सा जाता था। पूरा देश रामायण और महाभारत के आने का बेसब्री से इंतजार करता था। अब कोरोना संकट काल में ये शो दूरदर्शन पर फिर से प्रसारित हो रहे हैं। इनके आने से दूरदर्शन की प्रसारण के समय की टीआरपी में जबरदस्त उछाल आई है। लेकिन अब अगर किसी प्रसारण का बेसब्री से इंतजार होता है, तो वह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन।

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आईपीएल से भी हिट प्रधानमंत्री के संबोधन

प्रधानमंत्री के पिछले जितने भी संबोधन थे, उस समय सबसे ज्यादा उन्हीं के संबोधन की ही व्यूवरशिप रही। इसका प्रमाण है कि सबसे ज्यादा पॉपुलर IPL देश-दुनिया में देखा जाता है लेकिन प्रधानमंत्री का संबोधन उससे भी ज्यादा। 2019 के IPL का फाइनल मैच की 13 करोड़ से ज्यादा व्यूवरशिप थी। वहीं, प्रधानमंत्री के लॉकडाउन पर संबोधन की 19 करोड़ से ज्यादा व्यूवरशिप रही।

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...तो इस वजह से संबोधन का समय 10 बजे तय हुआ

पिछली बार जब प्रधानमंत्री ने तीन अप्रैल को देश को संबोधित किया तो उसकी करीब 12 करोड़ से ज्यादा की व्यूवरशिप रही। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि वह समय था सुबह के 9 बजे का। मालूम हो कि उसी समय रामायण का भी प्रसारण हो रहा है। जाहिर-सी बात है कि पीएम के संबोधन की व्यूवरशिप इतनी ज्यादा थी तो रामायण की टीआरपी में जरूर असर आया होगा। यही वजह रही कि पीएम मोदी ने इस बार राष्ट्र के नाम संबोधन का समय सुबह 10 बजे रखा। इस समय तक रामायण सीरियल का समय खत्म होता है।

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ये रहे कुछ रिकॉर्डतोड़ शो

भारत में टीवी के इतिहास में अब तक के रिकॉर्डतोड़ शोज की व्यूवरशिप कुछ इस तरह रही हैं। पीएम मोदी का संबोधन 19 मार्च (8.25 करोड़), 24 मार्च का संबोधन (19.65 करोड़), 3 अप्रैल का संबोधन (11.90 करोड़), नोटबंदी का एलान (5.70 करोड़), आर्टिकल 370 पर संबोधन (6.50 करोड़), और 2019 के IPL का फाइनल मैच (13.30 करोड़)।

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