2019

पितृ पक्ष के समय पितरों का तर्पण कर उनके मोक्ष की कामना की जाती है। हिंदू धर्म और पंचांगों में श्राद्ध के लिए बहुत सारे नियम बने हैं। जिनका पालन करना हर एक हिंदू के लिए अनिवार्य है।  श्राद्ध करने से पितरों का आशीर्वाद तो बना रहता है। उनकी आत्मा को भी शांति मिलती है।

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी  के तौर पर मनाया जाता हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, इसलिए चारों ओर खुशियाँ मनाई जाती हैं। इस दिन देश के सभी कृष्ण मंदिरों में पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण किया जाता हैं। देश में मथुरा-वृंदावन के अलावा एक मंदिर ऐसा है जहां जन्माष्टमी के दिन आधी रात को भगवान कृष्ण दर्शन देते हैं।ये हैं द्वारिकाधीश मन्दिर ।

खाने और घूमने के शौकीनों के लिए देश के उन शहरों के खाने के स्टॉल की बात करते हैं, जहां आप एक बार जाए तो वहां जरूर जाकर स्वाद लें। जो अपने खास जायके के साथ ही अपने नाम से जानी जाती हैं। ये जगह चाहे,जयपुर हो या हैदराबाद ये हैं इंडिया के फेमस फूड कॉर्नर, नहीं चखा होगा

चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद घर में शुद्धता के लिए गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। स्नान के बाद भगवान की मूर्तियों को स्नान करा कर उनकी पूजा करें। जरूरतमंद व्यक्ति और ब्राह्मणों को अनाज का दान करना चाहिए। 

जिन कुछ क्षेत्रों से ग्रहण को आसानी से देखे जाने की उम्मीद है, वहां एस्ट्रोनॉट्स का जमावड़ा लगेगा। दिन खत्म होते होते ऐसे क्षेत्र, जहां से ग्रहण देखा जा सकेगा, वह पहाड़ों की छाया से ढक जाएंगे। उनकी अत्यधिक ऊंचाई के चलते ग्रहण का नजारा ज्यादा समय तक देखना चुनौतिपूर्ण होगा। 

जयपुर: देवी के भक्तों नवरात्रि में हम आपको अपने पिछले लेखों में देवी के प्रादुर्भाव दुर्गा सप्तशती के तीन अध्यायों के गुप्त रहस्यों की जानकारी दे चुके हैं। बता चुके हैं कि कौन से अध्याय को करने से आप अपनी किस समस्या का छुटकारा पा सकते हैं? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि …

भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने चुनाव पूर्व अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी बारीकियों से अवगत कराया। जिला प्रशासनिक कार्य प्रमुखों एवं लोकसभा विधिक कार्य प्रमुखों की कार्यशाला में चुनाव आयोग के नियमों और उनके अनुपालन का बारीकी से प्रशिक्षण दिया। कहा गया कि पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता हर एक घर की चैखट तक पहुंचे ताकि मतदान के दिन कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रहे।

तीर्थराज प्रयाग में विश्वपटल पर ख्याति प्राप्त दिव्य कुंभ में जहां गंगा की अविरल कल कल की गूंज है तो वहीं आध्यात्म के आकर्षण स्वरूप वेद मंत्रोच्चार हैं। दिन भर भजन कीर्तनों का दौर भी चलता रहा। चारों तरफ साधु संतों और नागा सन्यासियों का जमघट लगा रहा।

जयपुर:साल 2018 कई मायनों में बेहद खास रहा। कहीं ब्रेक-अप  तो कहीं नए बॉलीवुड कपल्स  की शादी सुर्खियां बनीं। जहां रणवीर-दीपिका और निक-प्रियंका की शादी पूरी दुनिया ने देखी तो वहीं दूसरी ओर नेहा धूपिया और अंगद बेदी ने चुपचाप शादी कर ली। बॉलीवुड की फैशन क्वीन सोनम कपूर ने भी साल 2018 में शादी …

2019 हमारे देश के लिए कैसा रहेगा जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि हमारा राष्ट्र 14/15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि को स्वतंत्र हुआ। कर्क राशि एवं वृष लग्न का भारत, त्रिकोण में राहु की उपस्थिति, उसे मजबूत लोकतंत्र का स्वरूप प्रदान करती है। तृतीय भाव में सूर्य, शुक्र सहित पाँच ग्रहों की उपस्थिति …