2019

नए साल और नए दशक का आगमन हो चुका है। अब अगर बीते साल का आकलन करें तो ये दुश्वारियों भरा साल रहा। खासतौर पर आर्थिक दृष्टि से। जीडीपी की दर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि सरकार की मदद के लिए रिजर्व बैंक को अपने आपातकालीन फण्ड से 1.75 …

दिल्ली: नए साल (New year 2020) ने दस्तक दे दी है और इसी के साथ साल 2019 का आज आखिरी दिन है। अगर इस साल को मुड़ कर देखा जाए तो भारत के लिए अहम फैसलों वाला साल रहा। साल 2019 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों के लिए याद किया जाएगा। बात चाहे राम मंदिर की हो, या कर्नाटक की राजनीति में आये संकट की, राफेल की करें या फिर खुद चीफ जस्टिस का आरटीआई के दायरे में आने का, इस साल का नाम जब जब आएगा, तब तब इन सब अहम फैसलों को याद किया जाएगा। 

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कांग्रेस पूरा जोर लगा रही है, लेकिन पार्टी के भीतर की लड़ाई से उसका पीछ नहीं छूट रहा है। मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरूपम ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। वह लगातार दिल्ली में बैठे पार्टी पदाधिकारियों पर हमला बोल रहे हैं।

नवरात्रि एक लोकप्रिय पर्व है। ये पूरे देश में अनेक रूपों में मनाया जाता है। नौ दिनों तक देवी के अनके रुपों की पूजा की जाती है।  (दुर्गा, काली या वैष्णोदेवी) के भक्त नवरात्रि की अष्टमी या नवमी को छोटी कन्याओं(लड़कियों) की पूजा करते हैं। कन्या पूजन में देवी के नौ रूपों की पूजा होती है। छोटी लड़कियों की पूजा करने के पीछे बहुत सरल कारण छिपा है।

पितृ पक्ष के समय पितरों का तर्पण कर उनके मोक्ष की कामना की जाती है। हिंदू धर्म और पंचांगों में श्राद्ध के लिए बहुत सारे नियम बने हैं। जिनका पालन करना हर एक हिंदू के लिए अनिवार्य है।  श्राद्ध करने से पितरों का आशीर्वाद तो बना रहता है। उनकी आत्मा को भी शांति मिलती है।

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी  के तौर पर मनाया जाता हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, इसलिए चारों ओर खुशियाँ मनाई जाती हैं। इस दिन देश के सभी कृष्ण मंदिरों में पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण किया जाता हैं। देश में मथुरा-वृंदावन के अलावा एक मंदिर ऐसा है जहां जन्माष्टमी के दिन आधी रात को भगवान कृष्ण दर्शन देते हैं।ये हैं द्वारिकाधीश मन्दिर ।

खाने और घूमने के शौकीनों के लिए देश के उन शहरों के खाने के स्टॉल की बात करते हैं, जहां आप एक बार जाए तो वहां जरूर जाकर स्वाद लें। जो अपने खास जायके के साथ ही अपने नाम से जानी जाती हैं। ये जगह चाहे,जयपुर हो या हैदराबाद ये हैं इंडिया के फेमस फूड कॉर्नर, नहीं चखा होगा

चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद घर में शुद्धता के लिए गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। स्नान के बाद भगवान की मूर्तियों को स्नान करा कर उनकी पूजा करें। जरूरतमंद व्यक्ति और ब्राह्मणों को अनाज का दान करना चाहिए। 

जिन कुछ क्षेत्रों से ग्रहण को आसानी से देखे जाने की उम्मीद है, वहां एस्ट्रोनॉट्स का जमावड़ा लगेगा। दिन खत्म होते होते ऐसे क्षेत्र, जहां से ग्रहण देखा जा सकेगा, वह पहाड़ों की छाया से ढक जाएंगे। उनकी अत्यधिक ऊंचाई के चलते ग्रहण का नजारा ज्यादा समय तक देखना चुनौतिपूर्ण होगा। 

जयपुर: देवी के भक्तों नवरात्रि में हम आपको अपने पिछले लेखों में देवी के प्रादुर्भाव दुर्गा सप्तशती के तीन अध्यायों के गुप्त रहस्यों की जानकारी दे चुके हैं। बता चुके हैं कि कौन से अध्याय को करने से आप अपनी किस समस्या का छुटकारा पा सकते हैं? इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि …