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देर रात मामूली बात को लेकर अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जिसको लेकर गुस्साए अधिवक्ता लखनऊ के मर्चरी हाउस में इकठ्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने मांग किया कि धमाके में शामिल आतंकियों को मौत की सज़ा दी जाए। इसी सिलसिले में में विशेष अदालत की ओर से सुनाए गए फैसले से असंतुष्ट अधिवक्ताओं ने आज बार एसोसिएशन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।

नई दिल्ली: तीस हजारी कोर्ट के बाहर वकीलों और हिंसा के बाद आज दिल्ली में वकीलों की गांधीगिरी नजर आई है। बताया जा रहा है कि पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर वकील शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, इसके साथ ही लोगों को फूल देकर अपना आवाज उठाने की कोशिश की है। यह भी पढ़ें.  10 करोड़ …

शनिवार को तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुुलिस के बीच हिंसात्मक झड़प होने के बाद दोनों पक्षों की तरफ से केस दर्ज हुए। इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी टीम करेगी। जिसकी कमान स्पेशल कमिश्नर लेवल के ऑफिसर के हाथों में होगी। 

देश के पूर्व कानून मंत्री और सबसे महंगे वकील राम जेठमलानी ने 95 की उम्र में आज पूरी दुनिया को अलविदा कह दिया। जेठमलानी ने लंबी बीमारी के चलते आज सुबह अपने घर पर आखिरी सांस ली। जेठमलानी अपनी फीस एक करोड़ रुपये से ज्यादा तक चार्ज की है।

शिक्षा सेवा अधिकरण प्रयागराज में गठित करने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी है। बार एसोसिएशन की हंगामेदार रही आम सभा में 3 सितंबर को भी न्यायिक कार्य बहिष्कार जारी रखने का बार एसोसिएशन में वकीलों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया।

राज्य शिक्षा सेवा अधिकरण को प्रयागराज में स्थापित करने को लेकर हाईकोर्ट के वकील बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों के इस आंदोलन के कारण हाईकोर्ट में कामकाज ठप रहा। सुबह रोजाना की तरह अदालतें बैठीं लेकिन वकीलों की गैर मौजूदगी के कारण न्यायाधीश कुछ देर बाद चैंबरों में चले गए।

वकील शेखर यादुवेंद्र व उनके परिजनों के साथ सीओ गाजीपुर दीपक सिंह व एसओ इंदिरानगर धीरेंद्र कुशवाहा द्वारा अकारण अभद्रता करने के विरोध में राजधानी की अधीनस्थ अदालतों के वकील बुधवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे।

बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आहवान पर सोमवार को हाईकोर्ट के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। तमाम मांगों को लेकर की गई प्रदेश व्यापी हड़ताल की वजह से सोमवार को न्यायिक कार्य नहीं हो सका।

प्रदेश में अधिवक्ताओं की लगातार हो रही हत्या एवं शिक्षा अधिकरण न्याय की राजधानी प्रयागराज के बजाय लखनऊ में स्थापित करने के कदम के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता 29 जुलाई को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।