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कोरोना और अपनी विस्तारवादी नीति की वजह से चीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुरी तरह से घिर गया है। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है। अब इस बीच फिलीपींस ने चीन को चेतावनी दी है।

भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने चीनी कंपनी के टेंडर को खारिज कर दिया है। UPMRC ने तकनीकी खामियों के कारण कानपुर, आगरा मेट्रो के लिये चीनी कंपनी के टेंडर को खारजि कर दिया है।

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है। अब इस बीच चीन ने एक देश की जमनी हथियाने की कोशिश में है। वह देश कोई नहीं रूस है। चीन के सरकारी चैनल का दावा है कि रूस का व्लादिवोस्तोक शहर असल में चीन का है।

अमेरिका और ब्रिटेन के बाद अब ऑस्ट्रेलिया ने भी हॉन्ग कॉन्ग की स्वायत्तता के मुद्दे पर चीन के खिलाफ आवाज उठाई। चीन ने ऑस्ट्रेलिया को उसके मामले में दखल न देने की चेतावनी दे डाली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लेह में जवानों के हौसलों को बुलंद करते हुए दिए गए संबोधन में चीन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। राजधानी दिल्ली में चीन के दूतावास ने संबोधन पर कहा है कि हमें विस्तारवादी कहना आधारहीन है।

लद्दाख में पीएम मोदी ने कहा, "विस्तारवाद का युग समाप्त हो गया है। यह विकास का युग है। इतिहास गवाह है कि विस्तारवादी ताकतें या तो हार गई हैं या फिर पीछे हटने को मजबूर हुई हैं।" पीएम मोदी ने कहा है कि हमने सीमा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च को तीन गुना बढ़ा दिया है।

अमेरिका सबसे बड़ी तैयारी कर चुका है। इसकी शुरुआत चीन की दिग्गज टेलीकॉम उपकरण कंपनी हुवावे और ज़ेडटीई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित करके हो चुकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक लेह पहुंचकर सभी को सकते में डाल दिया। वहीं ऐसा कहा जा रहा है कि PM मोदी ने इसके जरिए चीन को एक कड़ा संदेश दिया है।

चीन के वुहान से फैले कोरोना वायरस की वजह से दुनिया में तबाही का मंजर नजर आ रहा है। ऐसे में भारत के लिए चीन अब और मुश्किलें खड़ी करता जा रहा है।