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सरकार द्वारा देश में लिंग परीक्षण को लेकर बड़ा सख्त कानून बनाया है ताकि गर्भावस्था में बच्चे का लिंग जानने के बाद फीमेल लिंग होने पर उसका भ्रूण हरण ना किया जाए|

आज इसी का परिणाम है कि विभिन्न कौशल संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं ने अपने सामर्थ्य एवं कुशलता का परिचय देते हुए नवाचार के क्षेत्र में अनेक नए प्रयोग किए हैं

बतादे कि राजकीय कर्मचारियों के लिए कलेक्ट्रेट के बगल में एक सरकारी कालोनी बनी है जिसमें सरकारी कर्मचारीयो का आवास है इस कालोनी के मध्य से सड़क मार्ग जो आस पास की प्राइवेट कालोनियों को जोड़ता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की है कि गैरसैण परिक्षेत्र का ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप  विकास के लिए अगले दस वर्षों में 25 हजार करोङ रूपए खर्च किये जाएंगे। यहां के सुनियोजित विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी।

देश के आर्थिक विकास को केवल सकल घरेलू उत्पाद एवं प्रति व्यक्ति आय से नहीं आँका जा सकता है बल्कि इसके आँकलन में रोज़गार के अवसरों में हो रही वृद्धि एवं नागरिकों में आनंद की मात्रा को भी शामिल किया जाना चाहिए। आर्थिक विकास के लिए एक शुद्ध भारतीय मॉडल को विकसित किए जाने की आज एक महती आवश्यकता है।

जनपद कानपुर देहात के मुख्य विकास अधिकारी जोगिंदर सिंह ने सिकंदरा तहसील क्षेत्र के कांधी गांव में नवनिर्मित योगापार्क, पंचायत भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्र व सामुदायिक शौचालय का लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री की अपील पर सांसद मछली शहर वीपी सरोज ने मुख्यालय से लगभग 50 किमी दूर मछली शहर संसदीय क्षेत्र में निकट मीरगंज स्थित ग्राम करियांव को सांसद गांव के रूप में गोंद तो ले लिया लेकिन उसके विकास एवं वहां की समस्याओं को भूल कर गायब हो गये है।

पिछले 30 सालों में पहली बार बिहार में ऐसा चुनावी माहौल बनता दिख रहा है, जिसमें मंडल और कमंडल की राजनीति बहुत पीछे छूट गई है। अयोध्या राम मंदिर की भी बात यहां कोई नहीं कर रहा है। जात-पात का मुद्दा भी हाशिये पर ही नजर आ रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सहारनपुर स्मार्ट सिटी और अमृत योजना के कार्यों को शीघ्रता से किए से पूरा कर सहारनपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना की कार्यवाही में तेजी लायी जाए।

बिहारी एक ऐसा शब्द है जो कर्मठता का प्रतीक है, भले ही बाहर के लोग समझे, लेकिन  बिहारी उन दर्जनों शब्दों में से एक है जिससे बिहारी वह बात कहते आए हैं, जो एक हजार शब्द नहीं कह सकते। ऐसा लगता है कि नया बिहार केवल एक तरह का जिद्दीपना है। कहते हं कि बिहार के लोग कही भी रहे लेकिन अपनी जीवटता, कभी हार न मानने वाला स्वभाव, टूटे वादों, जंगल राज के सालों,