ketu

चीन के वुहान से पूरी दुनिया में फैला कोरोना वायरस आज चरम पर है और महामारी का रूप ले चुका है। भारत में भी इसके बहुत से मामले सामने आए हैं, लेकिन लोगों के मन में एक ही सवाल है कि इस वायरस से कब  मुक्‍ति मिलेगी। ज्योतिष विज्ञान की दृष्‍टि से जानिए से कोरोना वायरस क्यों विश्वस्तर पर एक महामारी के रूप में फैलता जा रहा है।

इसके दुष्प्रभाव इतने जबर्दस्त होते हैं कि व्यक्ति को जीते जी मृत्यु तुल्य कष्ट देते ही हैं और व्यक्ति के न रहने पर भी इसका प्रभाव पीछा नहीं छोड़ता अगले जन्म में भी ये ग्रह अपना बकाया कष्ट वसूल करने पहुंच जाता है। यानी केतु से पीडित व्यक्ति मरने के बाद भी इससे मुक्त नहीं हो सकता।

ग्रहों की स्थिति का व्यक्ति के जीवन में और उसकी  में महत्लपूर्ण स्थान है। जीवन में कुंडली और ग्रहों का बड़ा महत्व माना जाता हैं। जीवन में आना वाला समय कैसा होगा यह ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता हैं।

जयपुर: राशिफल 2018 के अनुसार केतु ग्रह का पिछले दिनों मकर राशि में गोचर हुआ है। केतु ढाई साल तक मकर राशि में ही रहेंगे। केतु का यह परिवर्तन सभी राशियों के लिए विशेष परिवर्तन लेकर आएगा। साथ ही कुछ राशियों के जातकों का भाग्य चरम पर रहेगा। आगे की स्लाइड्स में जानिए इन राशियों …

जयपुर: ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु दो ग्रह हैं जिसका अशुभ प्रभाव शनि से भी अधिक घातक होता है। इन ग्रहों को नीच ग्रह की श्रेणी में रखा गया है। राहु और केतु क्षुद्र ग्रह माने जाते हैं। राहु और केतु जब अपना विनाशकारी प्रभाव दिखाते हैं तो अपराध नहीं भी करते हैं तो …

लखनऊ: जीवन खुशी- गम का नाम है। जब खुशी रहती है तो हम हंसते-हंसते झेल लेते है, लेकिन गम के लिए किस्मत को दोषी ठहराते है। क्या आप जानते हैं कि आपके खुशी-गम और बनते-बिगड़ते कामों का क्या कारण हो सकता है? शास्त्रों में कहा गया है कि अगर कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाए तो …